अंग्रजों के जमाने के बैरक से मिलेगी मुक्ति, तीन फ्लोर में 450 जवान रहेंगे

भास्कर न्यूज | हजारीबाग हजारीबाग पुलिस लाइन का भवन रामगढ़ राजा और अंग्रेजों के जमाने का है। इस जमाने के भवनों में पुलिस लाइन चल रहा है। हालांकि प्रशासनिक भवन काफी मजबूत और दुरुस्त है लेकिन जिस एसबेस्टस सीट छप्पर वाले कथित बैरक में जवान रहा करते थे वह बैरक रामगढ़ राजा के जमाने में अस्तबल हुआ करता था। यह भवन काफी जर्जर हो गया था। फर्श में सीलन ऊपर से बरसात में पानी का चुना, प्लास्टिक डालकर जवान रहा करते थे। यह पुलिस लाइन में जवानों के लिए बड़ी समस्या थी। अब इस समस्या से जवानों को निजात मिलने वाली है। जवानों के रहने के लिए 10 करोड़ 50 लाख की लागत से दो बैरक का निर्माण किया जा रहा है। इसी वर्ष काम हो जाएगा पूरा। हजारीबाग के इतिहास पर लंबी स्टडी करने वाले शिक्षक मनोज कुमार ने कहा कि पुलिस लाइन का बैरक रामगढ़ राजा का अस्तबल हुआ करता था। जहां उनके घोड़े रहा करते थे वहां पुलिस के जवान रहते हैं। बैरक का निर्माण झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के द्वारा कराया जा रहा है। 3 फ्लोर के दो बैरक बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक बैरक की क्षमता 225 बेड की होगी। इस प्रकार दोनों बैरक में 450 जवान रहेंगे। एक बैरक का प्राक्कलित राशि 5 करोड़ 25 लाख 21328 हैं, जबकि दोनों बैरक में 10 करोड़ 50 लाख 42 646 का प्राक्कलन है। गुणवत्ता पर एसपी की सीधी नजर छह सदस्यों की कमेटी बनाई गई पुलिस बिल्डिंग डिविजन के कार्यपालक अभियंता सुजीत कुमार ने बताया कि दोनों बैरक में एक बैरक का काम तो ठीक चल रहा है। दूसरे का निर्माण कार्य ठीक है। यह पूछे जाने पर की क्या गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस पर उन्होंने कहा कि उस पर नजर रखने के लिए एसपी अंजनी अंजन के द्वारा एक कमेटी बनाई गई है। पहले दो सदस्यों की कमेटी थी, अब छह सदस्यों की कमेटी है जो हर रोज के कार्य प्रगति का फोटो वीडियो उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि मैं इसे स्वीकार करता हूं कि एक बिल्डिंग का काम बहुत धीमी है। इस संबंध में संवेदक से बात भी की लेकिन कहा गया कि घर में किसी के बीमार होने के कारण वह थोड़ी परेशानी में है। फिर भी उम्मीद करते हैं कि दोनों बैरक जल्द ही कंप्लीट हो जाएंगे। एक बैरक तो डेंटिंग पेंटिंग के अंतिम चरण में है। अलग-अलग ठेकेदार हैं : दोनों बैरक के अलग-अलग ठेकेदार हैं। एक बैरक का निर्माण लगभग पूरा होने वाला है जबकि दूसरा बैरक का निर्माण कार्य की गति काफी धीमी है। यह योजना 2024- 25 की है। एग्रीमेंट के मुताबिक इसे 1 जनवरी 2026 को कंप्लीट हो जाना था। निर्धारित अवधि से तीन माह अधिक हो गए अभी भी दोनों बैरक का काम पूरा नहीं हो पाया है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *