राज्य में संचालित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में ट्रेंड शिक्षकों की नियुक्ति से पहले ही रिव्यू की तैयारी की जा रही है। पिछले पांच साल में हिंदी मीडियम से अंग्रेजी माध्यम में रुपांतरित किए गए प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों का रिव्यू करने के लिए राज्य सरकार ने डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में एक कैबिनेट सब कमेटी बनाई गई है। कमेटी में स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और खाद्य मंत्री सुमित गोदारा को सदस्य बनाया गया है। कमेटी जिलेवार अंग्रेजी मीडियम स्कूलों का रिव्यू करके सरकार को रिपोर्ट देनी है। रिव्यू के बाद ही अंग्रेजी मीडियम स्कूलों को बंद करने या इन्हें जारी रखने पर फैसला किया जाएगा। दरअसल, राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद शिक्षा मंत्री ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा करवाने का कहा था। अब सरकार ने इन स्कूलों की समीक्षा के लिए चार सदस्य कमेटी गठित कर दी है। तीन विकल्प के आधार पर हो सकता है निर्णय अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के रिव्यू के बाद इन पर फैसला करने के तीन विकल्प बताए जा रहे हैं जिनके तहत आगामी निर्णय किया जा सकता है। पहला जिन स्कूलों में बच्चों की संख्या कम है और पर्याप्त स्टाफ व इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है, उन स्कूलों को बंद करने पर फैसला हो सकता है। दूसरा विकल्प उन अंग्रेजी स्कूलों को फिर से हिंदी मीडियम में बदला जा सकता है। तीसरा विकल्प मर्ज करने का है। अभी तक नहीं बना शिक्षकों का अलग कैडर कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के लिए 10 हजार टीचर भर्ती करने और इनके शिक्षकों का अलग से कैडर बनाने की घोषणा की थी। गहलोत सरकार की घोषणा पूरी नहीं हुई और बाद में सरकार बदल जाने से प्रक्रिया अटक गई। सरकार बदलने के बाद अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के शिक्षकों का अलग कैडर बनाने के काम पर ब्रेक लग गया। बीकानेर जिले में वर्तमान में 171 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। इन स्कूलों में करीब 26 हजार विद्यार्थियों का नामांकन है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में 2019-20 से हिंदी मीडियम स्कूलों को महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में रूपांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 30696 शिक्षकों को इंग्लिश स्कूलों में पोस्टिंग का इंतजार राज्य के महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के लिए 25 अगस्त को हुई स्टाफ चयन परीक्षा में सलेक्ट हुए प्रदेश के 30696 शिक्षक पिछले चार माह से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। रिजल्ट जारी होने के बाद अभी तक चयनित शिक्षकों को जिला आवंटन नहीं हुआ है। उधर, राज्य सरकार ने इन स्कूलों का रिव्यू करने का फैसला कर लिया है।


