भास्कर न्यूज | अंबिकापुर रंगों के पर्व होली से दो दिन पहले सोमवार रात शहर सहित पूरे जिले में पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ होलिका दहन किया गया। निर्धारित मुहूर्त में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर लोगों ने सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना की। शहर में 50 से अधिक स्थानों पर सामूहिक रूप से होलिका दहन हुआ, जहां देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। फाग गीतों और नगाड़ों की थाप पर युवा, बुजुर्ग और महिलाएं झूमते नजर आए। पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्सवी रंग में रंगा रहा। शहर के पैलेस परिसर के पास, दर्रीपारा, मायापुर, बौरीपारा, गुदरी, जोड़ा पीपल सहित विभिन्न मोहल्लों में लोगों ने सामूहिक रूप से होलिका दहन की तैयारियां की थीं। लकड़ी और उपलों से सजी होलिका के चारों ओर परिक्रमा कर लोगों ने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। पैलेस के सामने जलने वाली शहर की सबसे प्राचीन होलिका विशेष आकर्षण का केंद्र रही। यहां मंगलवार सुबह से ही पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न की। दिनभर यहां श्रद्धा और आस्था का माहौल बना रहा। होलिका दहन के दौरान युवाओं की टोलियों में खासा उत्साह देखने को मिला। फाग गीतों की गूंज और नगाड़ों की थाप पर लोग देर रात तक नाचते-गाते रहे।


