छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया को अक्ती तिहार के रूप मनाया जाता है। आज से विवाह के मुहूर्त की शुरुआत हो रही है। आज के दिन छत्तीसगढ़ में बिना समय और मुहूर्त देखे शुभ काम किए जाते है। प्रदेश में अक्ती के दिन मिट्टी से बने गुड्डे-गुड़ियों की शादी पूरे रीति रिवाज करने की परंपरा है। राजधानी के चौक-चौराहों पर गुड्डे-गुड़ियों के बाजार सजा हैं। यहां पोशाक, माला, तेल मंडप के सामान भी बिक रहे है। साथ ही सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया को लेकर उत्साह है। दाम बढ़ने के बाद भी सराफा बाजार में व्यापार अच्छा अक्षय तृतीया को धातुओं की खरीदारी के लिए अत्यंत शुभ मुहूर्त माना गया है। रायपुर के सराफा बाजार में भी अक्षय तृतीया को लेकर जबरदस्त तैयारी है। सोने-चांदी की कीमत में भारी बढ़ोतरी के बावजूद सराफा करोबारी भी अच्छे व्यापार की उम्मीद कर रहे है। रायपुर सराफा एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि भारतीय शास्त्रों में आज के दिन सोना लेना शुभ माना जाता है। इस दिन की खरीदी बहुत शुभ होती है । इसलिए हमें बाजार में रौनक देखने को मिल रही है। बड़ी संख्या में ग्राहकों ने एडवांस बुकिंग भी कराई है। जिस तरह दीपावली में धनतेरस पर्व के दिन अच्छा व्यापार होता है। इस तरह से अक्षय तृतीया के मौके पर भी अच्छा व्यापार होता है। सोने और चांदी के दाम बढ़े हुए हैं। लेकिन ग्राहक अपने बजट के अनुसार आभूषण लेने पहुंच रहे है। वहीं व्यापारी भी सोने और चांदी में निवेश कर रहे है। अपने आप में सिद्ध मुहूर्त पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि अक्षय तृतीया अबूझ मुहूर्त कहलाता है। यह संपूर्ण अपने आप में सिद्ध मुहूर्त होता है आज के दिन बिना किसी शुभ मुहूर्त समय को को देखें छत्तीसगढ़ में विवाह की परंपरा है। कि इस दिन सभी शुभ कार्य लोगों के द्वारा किए जाते है। गृह प्रवेश, सगाई, जैसे कोई भी शुभ कार्य को किया जाता है। आज से विवाह के मुहूर्त की शुरुआत हो गई है। मई का पूरा दिन और जून के के प्रथम सप्ताह विवाह के शुभ योग बने है। छत्तीसगढ़ में आज के दिन होती है ये परंपरा पंडित मनोज शुक्ला ने बताया कि हमारे छत्तीसगढ़ की प्रथम परंपरा बहुत ही सुंदर है। आज के दिन में अपने पितरों को तर्पण भी करते हैं। वही शिवालयों और मंदिरों में घाट दान करने की परंपरा है। आज के दिन सभी देवी देवता पर जल अर्पित किया जाता है। क्योंकि आज से ही गर्मी का दिन प्रारंभ हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान पेड़-पौधे, गो-धन और कृषि औजारों की पूजा करते है।
लोग अपने घरों में गुड्डे गुड़ियों का विवाह बहुत धूमधाम से करते है। घर में मंडप सजाया जाता है। हरदिहा साहू समाज सामूहिक विवाह रायपुर के कांदुल में आज हरदिहा साहू समाज की ओर से सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। समाज के अध्यक्ष विनय कुमार साहू ने बताया कि आज समाज के 58 जोड़ों का आदर्श विवाह किया जाएगा। शाम 4 बजे से बारात सामाजिक भवन के परिसर में पहुंचेगी और गोधुलि बेला में मंत्रोच्चार के साथ पाणिग्रहण होगा।


