सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने बिना शर्त आम आदमी पार्टी का समर्थन किया है। दिल्ली में महिला अदालत में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल एक मंच पर दिखाई दिए। इस दौरान अखिलेश ने कहा- हम पूरा भरोसा दिलाते हैं कि समाजवादी पार्टी पूरी जिम्मेदारी से आपके साथ है। कहीं भी आपको जरूरत पड़ेगी, तो हम आपके साथ दिखाई देंगे। उनके इस ऐलान के बाद मंच पर मौजूद संजय सिंह ने कहा- अखिलेश जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने अपना और पार्टी का पूरा समर्थन आम आदमी पार्टी को देने का वादा किया। अखिलेश यादव के बयान की 5 बड़ी बातें… 1. दिल्ली में केवल नाम का गृह मंत्रालय है
अखिलेश यादव ने कहा- यहां दिल्ली की सरकार चलती है। कल्पना कीजिए कि दिल्ली में अगर ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो देश में क्या-क्या हो रहा होगा। दिल्ली में केवल नाम का गृह मंत्रालय है। आपने निर्भया को याद किया, उसके लिए भी धन्यवाद करता हूं। मुझे याद है, जब दिल्ली में निर्भया कांड हुआ, तब देशभर के लोग जाग उठे थे। कोने-कोने से लोग जाग उठे। दिल्ली की सरकार को अपना कानून बदलना पड़ गया। सख्त एक्शन लिया गया। जिस समय निर्भया कांड हुआ, मैं यूपी का मुख्यमंत्री था। जब मुझे पता चला कि निर्भया यूपी की है, मैं उनके गांव-घर गया था। उनके परिवार के बहुत सारे सदस्यों से हम मिले। उन्होंने जो-जो मांगें रखीं। हमने सभी पूरी कीं। सभी फैसले उनके हित में लिए गए थे। लेकिन, मैं सत्ता से बाहर चला गया, भाजपा की सरकार आ गई। वो दिन है और आज का दिन, भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने वहां मुड़कर नहीं देखा। वहां भेदभाव कर रहे हैं। मैंने दिल्ली के लोगों के साथ भी भेदभाव होते हुए देखा है। 2. अरविंद केजरीवाल का हौसला कमजोर नहीं हुआ
अखिलेश ने कहा- मैं अरविंद केजरीवाल को बधाई देता हूं। इतना कुछ हो जाने के बाद भी आपका हौसला कम नहीं हुआ। आपका हौसला-संघर्ष मुझे दिखाई दे रहा है। आज आपने जो सुरक्षा का सवाल उठाया है। मुझे पूरा भरोसा है कि यहां की माता-बहनें मिलकर अपने दिल्ली के लाल को दोबारा सम्मान दिलाने का काम करेंगी। जहां पर माता-बहनों का साथ मिल जाए, उस पार्टी का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। आज आपने बुनियादी सवाल उठाया। बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी दिल्ली से छीनकर गृह विभाग को दे दी गई। वह विभाग दिल्ली में बेटियों की सुरक्षा नहीं कर पा रहा। मणिपुर में सुरक्षा नहीं दे पा रहा। इसलिए गृह विभाग का जो काम है, वो काम कौन कर रहा है। 3. बहुत सारे प्रदेशों ने AAP के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल को अपनाया
उन्होंने कहा- बहुत सारे प्रदेशों में आप के स्वास्थ्य और शिक्षा मॉडल को अपनाने का काम किया। आपने जो काम शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किया है, वो बहुत बेहतरीन है। अगर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था भी आपके हाथ में आ जाए, तो इससे बड़ा काम नहीं हो सकता है। इससे ‘आप’ का मान-सम्मान अपने आप बढ़ने लगेगा। 4. महिलाओं को 2100 रुपए देने के फैसले का स्वागत किया
अखिलेश यादव ने अरविंद केजरीवाल के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने महिलाओं को 2100 रुपए देने का ऐलान किया। अखिलेश ने कहा- जितनी जरूरी शिक्षा और स्वास्थ्य की चिंता है, उतनी ही जरूरी हमारी माता-बहनों की चिंता है। उनके हाथ में और उनके अकाउंट में पैसा और सम्मान पहुंच जाएगा, तो हमारी माता-बहनें अपने आप आगे बढ़कर काम करने लगेंगी। 5. भरोसा दिलाता हूं, हम आपके साथ हैं
अखिलेश ने कहा- मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि समाजवादी पार्टी पूरी जिम्मेदारी से आपके साथ खड़ी है। कभी भी आपको मदद और सहयोग की जरूरत पड़ेगी, हम आपके साथ दिखाई देंगे। दिल्ली जितनी आपकी है, जितना आप सरकार ने काम किया है, उतना हम भी महसूस करते हैं। आपको यहां एक बार फिर से काम करने का मौका मिलना चाहिए। अब पढ़िए अखिलेश ने क्यों केजरीवाल की तारीफ की
पहले सियासी घटनाक्रम देखिए…7 दिसंबर को सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने कहा- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंडी गठबंधन के नेता नहीं हैं। इसके बाद सपा ने महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन से अलग होने का ऐलान कर दिया। वहीं, दिल्ली में अरविंद केजरीवाल ने साफ कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। इसके बाद आज अखिलेश दिल्ली सरकार के मंच से AAP के हेल्थ मॉडल की तारीफ करते नजर आए। इस पूरे घटनाक्रम से ऐसा लग रहा है कि सपा कांग्रेस से किनारा कर रही है। क्यों कांग्रेस से नाराज हैं अखिलेश?
कांग्रेस और सपा के बीच खींचतान यूपी में हुए उपचुनाव के पहले शुरू हुई। दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे पर बात नहीं बनी। इसके चलते सपा सभी 9 सीटों पर चुनाव लड़ी। ये उपचुनाव सपा के लिए बड़ा झटका साबित हुए। एनडीए 7 सीटों पर जीता। उसने सपा की भी 2 सीटें छीन लीं। वहीं, मध्य प्रदेश और हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सपा को लड़ने के लिए एक भी सीट नहीं दी। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी ऐसा ही हुआ। वहां काफी मशक्कत के बाद सपा को सिर्फ दो सीटें दी गईं। इससे अखिलेश यादव नाराज हो गए। अखिलेश को लगता है कि संसद में कांग्रेस उनकी अनदेखी कर रही है। उनको लगता है कि अडाणी का मुद्दा बड़ा है, लेकिन संभल हिंसा जैसा मसला किनारे नहीं करना चाहिए। संसद में इसी बात को लेकर कांग्रेस और सपा में खटपट हो गई। इसीलिए जब संसद में राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष का प्रदर्शन हुआ, तो उसमें सपा के सांसद शामिल नहीं हुए। इसके अलावा लोकसभा में सिटिंग अरेंजमेंट से भी अखिलेश नाराज हैं। पहले अखिलेश, राहुल गांधी और अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद के साथ बैठते थे। लेकिन, अब अवधेश प्रसाद को दूसरी लाइन में भेज दिया गया है। इस पर अखिलेश यादव इतना बिगड़ गए कि राहुल के बगल में न बैठकर अपनी आवंटित सीट पर जाकर बैठ गए। ————————- यह खबर भी पढ़ें विधानसभा में पल्लवी पटेल पर भड़के महाना, कहा-इनका माइक बंद करो; रागिनी बोलीं-सरकार गूंगी यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना गुस्से में दिखाई दिए। उन्होंने सपा की बागी विधायक पल्लवी पटेल का माइक बंद करा दिया। इससे नाराज पल्लवी सदन से बाहर चली गईं। बाहर धरने पर बैठीं, लेकिन सपा के किसी विधायक का समर्थन नहीं मिला। पढ़ें पूरी खबर…


