अखिल भारतीय विकलांग चेतना-परिषद् और शासकीय महाविद्यालय के बीच एमओयू:शैक्षणिक और सामाजिक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा, कार्यक्रम में स्टूडेंट्स ने पूछे सवाल

अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् और शासकीय पं. श्यामाचरण शुक्ल महाविद्यालय धरसींवा के बीच आज एक एमओयू (समझौता) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत दोनों संस्थाएं एक-दूसरे के शैक्षणिक और सामाजिक संसाधनों का उपयोग मिलकर करेंगी। महाविद्यालय की ओर से प्रभारी प्राचार्य कौशल किशोर, डॉ. सी.एल. साहू और अन्नपूर्णा बंजारे मौजूद रहे। वहीं परिषद् की ओर से डॉ. विनय पाठक, मदनमोहन अग्रवाल और डॉ. गजेन्द्र तिवारी ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के बाद हिन्दी और राजनीति विज्ञान विभाग की ओर से ‘प्रतियोगी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान एवं छत्तीसगढ़ी भाषा व साहित्य’ विषय पर व्याख्यान और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी जानकारी देना था। छात्रों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञों ने दिए जवाब मुख्य वक्ता डॉ. विनय पाठक ने छत्तीसगढ़ी भाषा और स्थानीय साहित्य की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हिन्दी और छत्तीसगढ़ी भाषा का अच्छा ज्ञान विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होता है। इस दौरान छात्रों ने सवाल भी पूछे, जिनका उन्होंने सरल शब्दों में जवाब दिया। कार्यक्रम में डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. सुनीता दुबे, डॉ. स्वाति शर्मा सहित कई शिक्षक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीति पाण्डेय ने किया और अंत में डॉ. सी.एल. साहू ने आभार व्यक्त किया।

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