जैसलमेर में इस बार कुदरत के मिजाज ने सबको चौंका दिया है। मार्च महीने के शुरुआती दिनों में ही सूरज ने अपनी तपिश से लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया है। रविवार को जैसलमेर का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने समय से पहले ही भीषण गर्मी का संकेत दे दिया है। स्थिति यह है कि दिन का पारा सामान्य से करीब 4.7 डिग्री अधिक बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिन और रात के पारे में आ रहा यह उछाल आने वाले दिनों में और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि पश्चिमी विक्षोभ का असर कम रहा और आसमान साफ बना रहा, तो पारा 37 डिग्री को भी पार कर सकता है। अगले एक हफ्ते तक लू जैसे हालात की आशंका है। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा, ठंडे पेय पदार्थों का सहारा आसमान साफ होने और तीखी धूप के कारण दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक शहर की सड़कों पर आवाजाही कम होने लगी है। सूरज की तल्खी इतनी अधिक है कि लोग चेहरे ढककर और छाते का उपयोग कर बाहर निकल रहे हैं। अचानक बढ़ी इस गर्मी ने खान-पान की आदतों को भी बदल दिया है। बाजार में गन्ने का रस, लस्सी और अन्य शीतल पेयों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। दिन और रात दोनों हुए गर्म सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब बेचैन करने लगी हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 4.7° अधिक) वहीं न्यूनतम तापमान 20.0 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 5.1° अधिक) है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिन और रात के पारे में आ रहा यह उछाल आने वाले दिनों में और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यदि पश्चिमी विक्षोभ का असर कम रहा और आसमान साफ बना रहा, तो पारा 37 डिग्री को भी पार कर सकता है। डॉक्टरों की सलाह: डिहाइड्रेशन से बचें बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी जारी की है। दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। मौसमी बदलाव के कारण वायरल बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, इसलिए खान-पान में सावधानी बरतें।


