अजमेर में वकील की हत्या से गुस्साए एडवोकेट्स ने शुक्रवार सुबह कोर्ट में हंगामा किया। गुस्साए वकीलों ने कोर्ट परिसर से जबरन लोगों और पुलिसकर्मियों को बाहर निकाल दिया। कोर्ट के अंदर की दुकानों को भी बंद करा दिया। प्रदर्शन और हंगामे के चलते 10 थानों की पुलिस तैनात की गई। धरनास्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता पहुंचे तो वकीलों ने उनका विरोध किया। वकीलों ने कहा- हमें इस पर राजनीति नहीं चाहिए। आप यहां से चले जाइए। मांगों पर सहमति नहीं बनने पर वकीलों ने शनिवार को अजमेर, पुष्कर और ब्यावर शहर में बंद का ऐलान किया। बंद के दौरान केवल मेडिकल सुविधाएं, स्कूल वैन, बस और पेट्रोल पंप को छूट रहेगी। दरअसल, पुष्कर में 2 मार्च को अजमेर कोर्ट के सीनियर वकील पुरुषोत्तम जाखोटिया पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। घायल वकील को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था। शुक्रवार (7 मार्च) सुबह उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। सबसे पहले जानिए- क्या था पूरा घटनाक्रम अब देखिए- आज के हंगामे से जुड़े PHOTOS अजमेर में कोर्ट के काम का बहिष्कार
अजमेर बार एसोसिएशन ने मृतक वकील के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुआवजा और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। सभी ने आज कोर्ट के कार्यों का बहिष्कार भी किया है। एडवोकेट योगेंद्र ओझा ने बताया- पुलिस अब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। उन्होंने बताया कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा तो यह धरना जारी रहेगा। मुख्य मांग यही है कि वकीलों के प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए। वहीं, वकील पुरुषोत्तम के घर के घर के पास दारू का ठेका खुला हुआ है, उसे बंद किया जाए। अवैध रूप से चल रहे डीजे बंद किए जाएं। पुष्कर एक आध्यात्मिक नगरी है। इसके आसपास बने हुए अवैध रेस्टोरेंट पर चल रहे डीजे पर कार्रवाई ठीक है। एडवोकेट योगेंद्र ओझा ने बताया- जब 1:15 बजे कॉल किया तो पुलिस क्यों नहीं गई। 3 बजे जब वे बेहोश हुए तब पुलिस पहुंची और एडमिट करवाया गया। यदि ये सब पहले हो जाता तो उनकी जान बच सकती थी। मुकदमे को हत्या की धारा में कन्वर्ट किया
सीओ रामचंद्र चौधरी ने बताया- पूर्व में हत्या का प्रयास और जानलेवा हमले में मामला दर्ज किया गया था। अब मौत के बाद मुकदमे को हत्या की धारा में कन्वर्ट कर दिया है। 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर 3 गाड़ियों (जीप, डीजे, पिकअप) को जब्त किया है। नहीं बनी सहमति, शव लेने से इनकार
मॉर्च्युरी के बाहर धरने पर बैठे वकीलों ने शव लेने से मना कर दिया। धरने पर अजमेर, पुष्कर, नसीराबाद,किशनगढ़ और रेवेन्यू बार एसोसिएशन के एडवोकेट मौजूद रहे। यहां पर 12 थानों की पुलिस तैनात की गई। हॉस्पिटल सुपरिटेंडेंट डॉ. अरविंद खरे के चेंबर में संभागीय आयुक्त महेश चंद्र शर्मा और डीआईजी ओमप्रकाश, एसपी वंदिता राणा के साथ वार्ता दौर चला। इस दौरान मांगों पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद वकीलों ने बाहर आकर विरोध जताया। घटना के विरोध में बंद रहेंगे 3 शहर
अजमेर बार एसोसिएशन अध्यक्ष अशोक सिंह रावत ने बताया- घटना के विरोध में शनिवार अजमेर, पुष्कर और ब्यावर शहर बंद रहेंगे। बंद के दौरान केवल मेडिकल सुविधाएं, स्कूल वैन, बस और पेट्रोल पंप को छूट रहेगी। उन्होंने बताया- यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो पुष्कर में होने वाला होली फेस्टिवल भी नहीं होने दिया जाएगा। शव मॉर्च्युरी में ही रहेगा और धरना जारी रहेगा। शनिवार सुबह 7 बजे से सभी एडवोकेट बंद करवाने के लिए निकलेंगे। अजमेर व्यापारिक महासंघ अध्यक्ष महेंद्र बंसल की ओर से भी बंद का समर्थन दिया गया है। कांग्रेस नेताओं का वकीलों ने किया विरोध
RTDC के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ और अजमेर नगर निगम की नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोहली सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंचे थे। यहां वकीलों ने उनका विरोध किया। वकीलों का कहना था- हमें इस पर राजनीति नहीं चाहिए। आप यहां से चले जाइए। इसके बाद इसके बाद राठौड़ सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता धरनास्थल से निकल गए।


