अजमेर जिले के मांगलियावास थाना क्षेत्र के डुमाडा गांव में बुधवार को सार्वजनिक रास्ते में अतिक्रमण का विरोध कर रहे ग्रामीणों पर वार्डपंच के परिजनों ने बोलेरो चढ़ा दी। जिससे पूर्व सरपंच गोविंद राम गुर्जर सहित तीन अन्य ग्रामीण घायल हो गए। जिन्हें इलाज के लिए अजमेर के जेएलएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय पूर्व सरपंच गोविंदराम समेत ग्रामीण मौके पर अतिक्रमण कर रहे छगन पुत्र हजारी गुर्जर, सरपंच प्रतिनिधि गुरुदयाल गुर्जर तथा उसके पक्ष के साथ रास्ता रोके जाने पर ग्रामीण समझाइश कर रहे थे। इसी दौरान छगन गुर्जर ने फोन कर अपने परिवार के लोगों को बुला लिया। छगन गुर्जर के परिवार के गोपाल और परमेश्वर एक बोलेरो में सवार होकर आए और समझाइश के लिए मौके पर खड़े पूर्व सरपंच गोविंद राम गुर्जर और ग्रामीणों पर बोलेरो चढ़ा दी। जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। बोलेरो चढ़ाने से गोविंद गुर्जर के दोनों हाथ फैक्चर हो गए रीड की हड्डी, पसलियां टूट गई, सिर में चोट पहुंची, वहीं कान में टांके आए। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में इलाज के लिए अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी फरार अस्पताल में उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। हादसे में ग्रामीण सेवा पुत्र छोगा, कालू पुत्र हीरा, गोविंद पुत्र देव भी घायल हो गए। उन्हें भी इलाज के लिए अजमेर जेएलन अस्पताल भर्ती कराया गया है। इधर सूचना पाकर मांगलियावास थाने से एएसआई गोपाराम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए। सेवानिवृत्ति विकास अधिकारी उगमचंद गुर्जर, सरपंच के भाई सत्यनारायण गुर्जर समेत ग्रामीणों ने घायल गोविंद राम तथा ग्रामीणों को अजमेर जेएन अस्पताल पहुंचाया। जहां गोविंदराम की हालत नाजुक बताई जा रही है। इधर मांगलियावास पुलिस घटना के बाद फरार आरोपियों की तलाश तथा मामले की जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद ग्रामीणों में रोष पूर्व विकास अधिकारी उगम चंद गुर्जर समेत ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर वार्ड पंच हरदयाल गुर्जर के पिता छगन पुत्र हजारी गुर्जर और उसके लड़के परमेश्वर, गोपाल जबरन मौके पर सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खींचकर उसे पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहे थे। घटना का पता चलने पर ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। पूर्व सरपंच गोविंदराम समेत ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सरपंच जगदेव गुर्जर ने बताया कि उनके बड़े पिता पर लगाए जा रहे आरोप बिल्कुल निराधार है। बड़े पिता को और सरपंच ने खुद ने फोन करके मौके पर बुलाया था। वहां पहले से ही लोग इकट्ठा हो रखे थे। गांव के दो पक्ष आपस में रास्ते को लेकर झगड़ रहे हैं। वर्तमान में रास्ते से संबंधित कोई काम नहीं चल रहा है।


