‘अजमेर में हिंदुओं के चादर चढ़ाने से मुझे दिक्कत है’:धीरेंद्र शास्त्री बोले-अपने बाप को बाप कहो, अपने ग्रैंड फादर के यहां पुष्कर आया करो

बागेश्वर धाम के पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा- मेरी इच्छा है कि पुष्कर में एक मठ बनाएं। क्योंकि हम चाहते हैं कि अजमेर के हिंदू मठ में आएं, क्योंकि चादर चढ़ाने जाते हैं, इससे मुझे दिक्क्त है। किसी और मजहब में जन्म हुआ होता तो बिना फोटो के पूजा कर रहे होते। सनातन धर्म महान है। इसमें महिलाओं को पूज्य माना जाता है। हमारे यहां राम सीता नहीं बल्कि सीताराम कहा जाता। सनातन धर्म अद्भुत है। अपने बाप को बाप कहो, दूसरों के बाप को क्यों बाप बना रहे हो। अजमेर के हिन्दुओं, अपने ग्रैंड फादर के यहां पुष्कर आया करो। पुष्कर के नए मेला मैदान में धीरेन्द्र शास्त्री ने कथा के दूसरे मंगलवार को यह बात कही। कथा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को धीरेंद्र शास्त्री ने हल भेंट किया। हम किसी पार्टी के नहीं धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- हम किसी पार्टी के नहीं, लेकिन जो काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किए, वह कोई नहीं कर सकता। चाहे वो राम मंदिर बनाना हो या केदारनाथ का काम। जब प्रधानमंत्री को अस्पताल बनाने की बात बताई तो उन्होंने कहा- भूमि पूजन व उदघाटन में आएंगे। हमने बताया कि काम छोटा है। उनका कहना था कि काम भले ही छोटा है, लेकिन संदेश बड़ा है। अब ऐसे भाव रखने वाले चाहे कोई व्यक्ति हो, किसी भी पार्टी का हो, व्यास पीठ से आशीर्वाद दिया जाएगा। अमर, अकबर और एंथनी तीनों का बाप कन्हैयालाल था धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि मेरी इच्छा है कि पुष्कर में एक मठ बनाएं। क्योंकि हम चाहते हैं कि अजमेर के हिंदू मठ में आएं, क्योंकि चादर चढ़ाने जाते हैं, इससे मुझे दिक्कत है। भारत में जिसने जन्म लिया, वो सब सनातनी हैं। एक फिल्म देखी-अमर, अकबर व एंथनी। इस फिल्म का अंत देखा तो पता चला कि तीनों के बाप का नाम कन्हैयालाल था। मुस्लिमों को गाली देने से हिन्दुओं का महिमा मंडन नहीं हो सकता। सीएम बोले- आने वाले समय में पुष्कर की छंटा अलग ही दिखेगी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शक्ति और भक्ति की धरती है। सनातन और संस्कृति के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में पुष्कर की छंटा अलग ही दिखेगी। पुष्कर के विकास के लिए डीपीआर बन गई है। प्रदेश के मंदिरों के लिए 100 करोड़ रुपए दिए हैं। ताकि प्रथम चरण में काम कर सके। कोई भी काम हो, हमारी संस्कृति में सबको साथ लेकर चलते हैं। प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारी के लिए आया था और आपके दर्शन से एक पंथ दो काज हो गए। आपके माध्यम से जनता का आशीर्वाद मिला। धीरेंद्र शास्त्री जो सनातन की ज्योति को बढ़ाने का काम कर रहे हैं। पुष्कर में जो आयोजन किया है, युवाओं के मन में जो सनातन संस्कृति के लिए ज्योत जलाई, उसके लिए वंदन। हनुमंत कथा के फोटोज… ये भी पढ़ें कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री बोले- हिंदू चार बच्चे पैदा करें:बेटियां IAS-IPS बनें, नाचने वाली नहीं; हिंदुओं को धर्म पर गर्व करना चाहिए

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