अजयराज मर्डर केस में तीन और आरोपी गिरफ्तार:फरार मुख्य आरोपी को शरण दिया था, अब तक 28 बदमाश हो चुके है गिरफ्तार

उदयपुर-कोटा फोरलेन पर स्थित विकास होटल में 1 जून 2025 की रात हुए अजयराज मर्डर केस में पुलिस को एक बार फिर सफलता मिली है। इस मामले में हत्या के फरार मुख्य आरोपी को शरण देने और उसे भागने में मदद करने के आरोप में पुलिस ने तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। अब तक इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 28 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने फरारी में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट, बोलेरो और वेन्यू कार को भी जब्त कर लिया है। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है और शुरुआत से ही जिला पुलिस की निगरानी में इसकी जांच चल रही है। पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार टीमें अलग-अलग जगह दबिश दे रही थीं, जिसके चलते यह कार्रवाई संभव हो सकी। फरार मुख्य आरोपी भैरू गुर्जर की तलाश में जुटी थी पुलिस एसपी त्रिपाठी ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी भैरू गुर्जर अभी तक फरार चल रहा था। उसकी तलाश के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया। कोतवाली थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापति के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और ह्यूमन इंटेलीजेंस के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही थी। इसी दौरान पता चला कि भैरू गुर्जर उदयपुर जिले के ऋषभदेव इलाके में देखा गया है। पुलिस टीम वहां पहुंची और उसकी तलाश की, लेकिन आरोपी मौका पाकर फरार हो गया। जांच में सामने आया कि उसे भागने में कुछ लोगों ने जानबूझकर मदद की थी। तीन लोगों ने दी शरण, पुलिस ने किया गिरफ्तार जांच में खुलासा हुआ कि लादूलाल पुत्र बालूराम गुर्जर निवासी दौलाजी का खेड़ा थाना गंगरार और किशनलाल पुत्र फूलचंद गुर्जर निवासी मोती बुकन का खेड़ा थाना गंगरार ने भैरू गुर्जर को फरारी में मदद की। इसके अलावा कैलाश चंद्र जाट निवासी रूपाहेली थाना सदर भीलवाड़ा ने भी उसे भागने में सहयोग किया। पुलिस ने तीनों को ऋषभदेव और रूपाहेली से डिटेन कर पूछताछ की। पूछताछ में उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार इन लोगों ने मुख्य आरोपी को छिपने के लिए जगह दी और उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद की। फरारी में इस्तेमाल गाड़ियां जब्त पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फरारी में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को भी जब्त कर लिया है। मुख्य आरोपी भैरू गुर्जर द्वारा उपयोग की गई स्विफ्ट कार, लादूलाल और किशनलाल द्वारा इस्तेमाल की गई बोलेरो तथा कैलाश चंद्र जाट द्वारा उपयोग की गई वेन्यू कार को कब्जे में लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन गाड़ियों की भी जांच की जा रही है ताकि घटना से जुड़े और सुराग मिल सकें। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि आगे और भी खुलासे हो सकते हैं। 1 जून की रात होटल पर हुई थी अंधाधुंध फायरिंग बता दे कि 1 जून की रात सेमलपुरा चौराहे पर स्थित विकास होटल की छत पर अजयराज सिंह पुत्र शिवसिंह झाला निवासी मोड जी का मिन्नाणा अपने साथियों के साथ खाना खा रहे थे। इसी दौरान मनोज चौधरी नाम के व्यक्ति ने रेकी कर उनकी लोकेशन मुख्य आरोपी ईश्वर सिंह उर्फ हरिओम सिंह निवासी डेट को दे दी। इसके बाद ईश्वर सिंह अपने करीब 15 साथियों के साथ तीन गाड़ियों में होटल पहुंचा। वहां पहुंचते ही आरोपियों ने अजयराज सिंह और उनके साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की बौछार में अजयराज सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने अजयराज सिंह की डस्टर और बोलेनो कार में तोड़फोड़ की और उन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी। फायरिंग और आगजनी की इस वारदात से इलाके में दहशत फैल गई थी। रिपोर्ट दर्ज होते ही गठित की गई थीं विशेष टीमें घटना के बाद ओमप्रकाश शर्मा द्वारा दी गई रिपोर्ट पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस की अलग-अलग टीमें बनाई गईं। एएसपी सरिता सिंह और डीएसपी चित्तौड़गढ़ के सुपरविजन में पुलिस निरीक्षक तुलसीराम की टीम ने जांच शुरू की। पहले चरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी ईश्वर सिंह उर्फ हरिओम सिंह समेत घटना में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही उन लोगों को भी पकड़ा गया, जिन्होंने आरोपियों को फरारी में मदद की या उन्हें शरण दी। अब तक 25 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था और अब तीन और गिरफ्तारी के साथ यह संख्या 28 तक पहुंच गई है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *