अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) को वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 3,054 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर यह 21% बढ़ा है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,520 करोड़ का मुनाफा हुआ था। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने संचालन से 9,705 करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया। सालाना आधार पर यह भी 22% बढ़ा है। अक्टूबर-दिसंबर 2024 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 7,964 करोड़ रुपए था। रिजल्ट के बाद आज यानी 3 फरवरी को कंपनी का शेयर 8% से ज्यादा चढ़ गया है। नतीजों के बाद 8% अडाणी पोर्ट्स का शेयर
दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद अडाणी पोर्ट के शेयर में तेजी है, ये 1:35 बजे 8% ऊपर 1,516 पर कारोबार कर रहा है। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 1.57%, 6 महीने में यह 9.18% और एक साल में 39.78% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 3.28 लाख करोड़ रुपए है। देश का सबसे बड़ा पोर्ट्स ऑपरेटर है अडाणी पोर्ट्स SEZ
अडाणी पोर्ट्स भारत का सबसे बड़ा प्राइवेट पोर्ट्स ऑपरेटर और एंड-टु-एंड लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर है। इसके 15 पोर्ट्स और टर्मिनल देश की पोर्ट्स कैपेसिटी का करीब 25% का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसकी कैपेसिटी 627 MMTPA से ज्यादा है। गौतम अडाणी ने 1998 में स्थापित की थी कंपनी
अडाणी पोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन गौतम अडाणी हैं। उन्होंने 1998 में इस कंपनी को स्थापित किया था। गौतम अडाणी के बेटे करण अडाणी कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO अश्वनी गुप्ता हैं। कंपनी में 1900 से ज्यादा एम्प्लॉइज काम करते हैं। अडाणी लॉजिस्टिक्स लिमिटेड, अडाणी पोर्ट्स की सब्सिडियरी है।


