नागौर में सिटी पार्क के पास नगर परिषद की भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस और नगर परिषद के दस्ते के बीच तीखा विवाद हो गया। परिषद की टीम जब लंबे समय से बनी अवैध चारदीवारी को ढहाने पहुंची, तो कोतवाली पुलिस जाब्ते के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि पुलिस की टीम मौके से वापस लौट गई, जिससे कार्रवाई बीच में ही रुक गई।
पुलिस के इस रवैये से आक्रोशित होकर नगर परिषद के तमाम अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों ने तुरंत ‘पेन डाउन’ हड़ताल की घोषणा कर दी और लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयुक्त गोविंद सिंह भींचर भी मौके पर पहुंचे और कार्मिकों का पक्ष रखा। घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर चम्पालाल जीनगर ने कोतवाली थाना अधिकारी को तलब किया। विवाद सुलझाने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आसाराम चौधरी और सीओ धर्मसिंह पूनिया भी कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां दोनों पक्षों के बीच समझाइश की गई। जिसके बाद मामला शांत हुआ।
मामला शांत होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर अतिक्रमियों को नोटिस दिया गया। नागौर एसडीएम और कार्यवाहक आयुक्त गोविन्द सिंह भींचर ने बताया कि वर्तमान में नगरपरिषद का डंपिंग यार्ड बालवा रोड़ पर है जो सिटी से बहुत दूर पड़ता है और प्रत्येक टिप्पर को वहां कचरा डंप करने के लिए आने जाने में बहुत ज्यादा टाइम लगता है। अब सिटी पार्क के पास तीन बीघा जमीन पर अलग डम्पीग यार्ड बनाया जायेगा जहां बड़े ट्रकों से वो कचरा बलाया रोड़ स्थित डम्पीग यार्ड भेजा जा सकेगा जिसकी वजह से शहर में लगे टिप्पर ज्यादा कामनकर सकेंगे और शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार हो सकेगा।
हालांकि इस मामले में किसी अधिकारी ने विवाद की बात पर बोलने से साफ इनकार कर दिया।


