लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल ने सोमवार को नगर निगम में अभियंत्रण विभाग की समीक्षा बैठक ली। इसमें शहर में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी सड़क निर्माण कराया जा रहा है, वहां सड़क को एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी तरह से पूरा किया जाए। अधूरे या टुकड़ों में बने कार्यों से नागरिकों को परेशानी होती है, जिसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि जल निकासी की समस्या उत्पन्न न हो। चौड़ी सड़कों के किनारे पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए पटरी (फुटपाथ) निर्माण को भी आवश्यक बताया गया। गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त रुख मेयर ने अभियंत्रण विभाग के सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों एवं अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाए। उन्होंने कहा कि खराब गुणवत्ता के कार्य न केवल सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि, आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने सभी प्रमुख कार्यों की थर्ड पार्टी जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अवर अभियंताओं को बिल निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरतने को कहा गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या त्रुटि की संभावना न रहे। नालों की मरम्मत और मानसून तैयारी पर जोर बैठक में नालों की स्थिति को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। मौके पर सभी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नालों के स्ट्रक्चर की स्थिति का आकलन करें। जहां कहीं भी नाले क्षतिग्रस्त हैं, वहां तत्काल एस्टीमेट तैयार कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। इसके अतिरिक्त जिन स्थानों पर नाले खुले हैं और सड़क मार्ग के पास स्थित हैं, ऐसे नालों को चिन्हित कर उन्हें ढकने के निर्देश दिए गए, ताकि दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। मानसून से पहले सभी नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित कराने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश बैठक में वार्ड विकास निधि, 15वां वित्त आयोग, अवस्थापना निधि, सीएम वैश्विक नगरोदय योजना, सीएम ग्रिड एवं सीएम नगर सृजन योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिन कार्यों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन ठेकेदारों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। मेयर ने स्पष्ट कहा कि यदि चेतावनी के बावजूद भी कार्यों में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है।


