धमतरी| लगभग 7 साल पहले किसान बाजार की शुरुआत हुई थी, वह अब अधिकारियों की उदासीनता की वजह से अपनी चमक खो चुका है। बाजार की सही तरीके से निगरानी न होने और किसानों को पर्याप्त प्रोत्साहन न मिलने के कारण कई किसान इस बाजार से दूर होते जा रहे हैं। इसका सीधा असर ग्राहकों पर भी पड़ रहा है, जो अब निराश हो रहे हैं। यह प्रदेश का अकेला ऐसा किसान बाजार था, जहां किसानों और ग्राहकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सब्जियों के औसत दाम तय किए जाते थे। आज स्थिति यह है कि सिर्फ 5-6 किसान ही अपनी सब्जियां लेकर वहां पहुंच रहे हैं। प्रशासन को इस किसान बाजार की ओर ध्यान देना चाहिए। – नर्मदा जगबेड़हा, औद्योगिक वार्ड


