अनुसंधान की बारीकियों, रिसर्च, टूल्स टेक्निक और पॉलिसी की जानकारी दी

भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य पीजी कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग में शोध साहित्य में पुनरावलोकन विषय पर व्याख्यान हुआ। शासकीय दूधाधारी बजरंग महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रमिला नागवंशी सहायक प्राध्यापक मुख्य अतिथि रही। महाविद्यालय की प्राचार्य करुणा दुबे ने मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत की। समाजशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष दिलीप कुमार बढ़ाई ने पुष्प गुच्छ से प्राचार्य का स्वागत किया। दिलीप कुमार बढ़ाई समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि समाजशास्त्र के विद्यार्थियों को सामाजिक समस्याओं पर शोध कार्य करना चाहिए। इस अवसर पर प्राचार्य श्रीमती करूणा दुबे ने अनुसंधान के क्षेत्र में कार्य करने प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों को आशीर्वचन प्रदान किया। कार्यक्रम में उपस्थित डॉ. रीता पांडे इतिहास विभागाध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में अनुसंधान के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ. प्रमिला नागवंशी ने व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए कहा कि शोध साहित्य का पुनरावलोकन अनुसंधान कार्य में अति महत्वपूर्ण चरण है। यह शोध कार्य में एक मार्गदर्शक की तरह कार्य करता है जो एक सही दिशा प्रदान करता है। इसके साथ ही समाजशास्त्र विषय का विभिन्न कार्य क्षेत्र में महत्व को बतलाते हुए किन-किन क्षेत्रों में समाजशास्त्र विषय के ज्ञान का उपयोग भविष्य निर्माण के लिए नौकरी पेशा में किया जा सकता है। इस प्रकार डॉ. नागवंशी द्वारा अनुसंधान की बारीकियों, रिसर्च टूल्स टेक्निक व पॉलिसी जैसे महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान शिवानी तावेरकर , चितेश्वरी साहू, छात्रा ममता मनहरे समेत कार्यक्रम में प्रथम व तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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