तमिलनाडु भाजपा के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने शुक्रवार को कहा कि वे तमिलनाडु के नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में नहीं हैं। उन्होंने कहा- भाजपा में आंतरिक प्रतिस्पर्धा के लिए कोई जगह नहीं है, क्योंकि अध्यक्ष का चयन सर्वसम्मति से होता है। कोयंबटूर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा- जहां तक मेरा सवाल है, भाजपा को आने वाले समय में अच्छा प्रदर्शन करना चाहिए, हम नए अध्यक्ष के चुनाव के समय इस पर बात करेंगे। राज्य में नेतृत्व परिवर्तन जल्द ही हो सकता है। उनसे सवाल किया गया कि वे अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों नहीं हैं। इसके जबाव में उन्होंने कहा- प्रतियोगिता की गुंजाइश कहां है? भाजपा ऐसे पदों के लिए आंतरिक प्रतियोगिता नहीं करती है। इसीलिए मैंने कहा कि मैं इस पद की दौड़ में नहीं हूं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अन्नामलाई अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं, लेकिन न अन्नामलाई औ न भाजपा किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। कर्नाटक में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। वर्तमान में DMK की सरकार है। इसलिए AIADMK और भाजपा गठबंधन में आ सकते हैं। अन्नामलाई AIADMK पर लगातार हमलावर रहे हैं। इसलिए भाजपा उन्हें अध्यक्ष पद से हटाकर दूसरा बड़ा पद दे सकती है। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में BJP-AIADMK आ सकते हैं साथ 26 मार्च को कर्नाटक के पूर्व CM और AIADMK महासचिव एडप्पाड़ी पलनीस्वामी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी। तब से ये कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले विधानसभा चुनावों में AIADMK फिर से NDA का हिस्सा बनेगी। अन्नामलाई लगातारा AIADMK पर हमलावर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक मीटिंग में गठबंधन की पहली शर्त के तौर पर AIADMK ने अन्नामलाई को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की। पलानीस्वामी और अमित शाह की मुलाकात के बाद अन्नामलाई की भी शाह से मुलाकात हुई थी। इस बैठक में अन्नामलाई से कहा गया कि पार्टी उनके काम को बहुत वैल्यू करती है। वर्तमान राजनीतिक हालात के मद्देनजर कुछ फैसले लेने पड़ रहे हैं, उन्हें कुछ भी चिंता करने की जरूरत नहीं है। अन्नामलाई ने भी यही बात शुक्रवार को दोहराई कि भाजपा एक राष्ट्रीय पार्टी है और तमिलनाडु में भ्रष्टाचार में डूबी DMK को हराने के लिए पार्टी को कुछ फैसले लेने पड़ रहे हैं। नए प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में ये नाम शामिल AIADMK महासचिव एडप्पाड़ी पलनीस्वामी और अन्नामलाई एक ही जाति गाउंडर और पश्चिमी तमिलनाडु के एक ही क्षेत्र से आते हैं। अन्नामलाई के संभावित बदलाव की ये भी एक वजह है। पार्टी को लगता है कि दूसरी जाति के नेता को पार्टी की कमान सौंपने से चुनावों में इसका फायदा होगा। अध्यक्ष पद के लिए फिलहाल थेवर जाति से आने वाले नयनार नागेन्द्रन, दलित नेता और केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन और नाडार जाति से आने वाली तमिलिसाई सुंदरराजन के नाम की चर्चा चल रही है। तमिलिसाई सुंदरराजन मार्च 2024 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। वे तेलंगाना राज्यपाल और पुडुचेरी की एलजी भी रह चुकी हैं। पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर मेरा काम जारी रहेगा


