भास्कर न्यूज | बैकुंठपुर/पटना अवैध कोयला खनन और परिवहन के खिलाफ वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की। कोयला लदा ट्रैक्टर जब्त किया। इसके बाद माफियाओं ने टीम का रास्ता रोका और ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए। ट्रैक्टर को कोरिया जिला मुख्यालय स्थित छिंदडांड डिपो ले जाया जा रहा था। रास्ते में तुम्मीबारी तिराहे के पास रात करीब 10.30 बजे कोयला माफिया शक्ति पाल सिंह उर्फ सनी 10 साथियों के साथ पहुंचा। वन विभाग की टीम से विवाद किया। जबरदस्ती ट्रैक्टर लेकर फरार हो गया। बीट अधिकारी राकेश कुमार पांडेय की शिकायत पर पटना थाना में केस दर्ज हुआ। 4 मार्च की रात करीब 9.15 बजे बीट अधिकारी अपनी टीम के साथ बैकुंठपुर वन परिक्षेत्र के आरएफ 437, ग्राम पूटा, नागडबरा के जंगल में पेट्रोलिंग कर रहे थे। टॉर्च की रोशनी में ट्रैक्टर में कई बोरियों में भरा अवैध कोयला दिखा। वन विभाग की टीम को देख ट्रैक्टर चालक और मजदूर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए। वन विभाग की टीम ट्रैक्टर लेकर छिंदडांड डिपो के लिए निकली। लेकिन रास्ते में माफिया ने घेर लिया। टीम को जंगल में पेट्रोलिंग के दौरान जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के बाद वन विभाग की टीम जंगल में सर्च ऑपरेशन चला रही है। बंद खदान से निकाल रहे थे कोयला, गश्त के दौरान एसईसीएल की टीम ने पकड़ा था कोयले की अवैध चोरी से माइंस में सुरक्षा को लेकर समस्या होती है। इससे पहले एसईसीएल बैकुंठपुर के अंतर्गत कटकोना में संचालित अंडर ग्राउंड माइंस के आसपास कोयला माफिया सक्रिय है। इससे पहले कोयला माफियाओं ने अवैध कोयला खनन करने के लिए एसईसीएल के अंडर ग्राउंड माइंस सुरंग बनाई थी। इसके बाद एसईसीएल ने कंक्रीट से माइंस को बंद कराया था। बंद खदान में ऊपर से 100 मीटर नीचे सीिढ़यों के सहारे कोयला का अवैध खनन किया जा रहा है। इसे पेट्रोलिंग के दौरान एसईसीएल की टीम ने पकड़ा था। अवैध खनन कर निकाले कोयले को बिना अनुमति संचालित ईंट भट्ठों में खपाया जा रहा अवैध रूप से कोयला खनन के बाद जंगल के रास्ते मुख्य सड़क पर लाया जाता है और अलग-अलग क्षेत्र में संचालित अवैध ईंट भट्ठों में खपाया जाता है। अवैध कोयला थाना के पास से ही हर रात गुजरता है, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से कोयला बैकुंठपुर, कुड़ेली, सरभोका समेत अन्य पंचायतों में संचालित ईंट भट्ठों में खपाया जा रहा है।


