अबोहर के सुभाष नगर में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ हुआ है। सिटी-2 पुलिस ने इस केंद्र को सील कर दिया है। केंद्र के संचालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। यह केंद्र सेवा केंद्र के नाम से पिछले दो महीने से बिना लाइसेंस के चल रहा था। केंद्र में लगभग 30-35 युवक थे। इस अवैध केंद्र का खुलासा तब हुआ जब मुक्तसर से एक लापता युवक की तलाश में उसके परिजन यहां पहुंचे। मुक्तसर के गांव रामनगर के रहने वाले मनजिंदर सिंह ने बताया कि उनका छोटा भाई जसविंदर सिंह जंडवाला गांव में अपनी पत्नी के साथ रहता था। वह मामूली नशे का आदी था। तीन दिन पहले घर में मामूली कहासुनी के बाद वह लापता हो गया। परिवार ने सगे-संबंधियों से पूछताछ की तो अबोहर में रहने वाले बुआ के बेटे से नशा मुक्ति केंद्र के बारे में पता चला। मनजिंदर का आरोप है कि जब उन्होंने संचालक से भाई से बात करवाने की गुहार लगाई तो उसने मना कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की छापेमारी में जसविंदर केंद्र से मिल गया। संचालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
इधर थाना प्रभारी प्रोमिला सिद्धू ने बताया कि उन्हें यहां पर अवैध तरीके से नशा मुक्ति केन्द्र चलने की सूचना मिली तो आज तुरंत यहां पहुंची। जांच पड़ताल की लेकिन यहां कुछ आपत्तिजनक वस्तुएं नहीं मिली, फिलहाल संचालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उन्होंने पूछे जाने पर बताया कि इस केंद्र में किसी प्रकार का कोई डॉक्टर नहीं था और ना ही यह रजिस्टर्ड था। जो कि सरासर गलत है फिर भी मामले की गहनता से जांच पड़ताल कर बनती कार्रवाई की जाएगी। इधर केंद्र के संचालक नरिन्द्र सिंह ने बताया कि यहां कोई नशा मुक्ति केन्द्र नहीं है बल्कि वे तो संस्था के माध्यम से सेवा केन्द्र चलाते हैं, जिसमें बाबा अवतार सिंह का उन्हें पूरा सहयोग है। यहां पर किसी को जबरन नहीं रखा जाता, जिन नशा पीड़ितों को यहां पर आराम मिलता है और उनका बिना दवा सही इलाज होता है। वे खुद ही अपनी मर्जी से यहां आकर भर्ती होते हैं। यहां पर युवाओं को पाठ करवाया जाता है और किसी प्रकार की दवा नहीं दी जाती।


