फाजिल्का जिले के अबोहर में उपमंडल के गांव रुहेडियांवाली की एक विधवा महिला ने गांव के ही कुछ लोगों पर धोखे से अपना मकान बेचने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि जब उसने इस बिक्री का विरोध किया, तो मकान खरीदने वालों ने उसके साथ मारपीट की। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। 2 साल से बेटे संग राजस्थान में रह रही थी अस्पताल में उपचाराधीन करीब 60 वर्षीय संतोष पत्नी राजिंद्र कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से अपने बेटे के साथ राजस्थान में रह रही थी और उसका घर रुहेडियांवाली में खाली पड़ा था। इस दौरान कुछ लोगों ने खुद को मकान का मालिक बताकर उसे किसी और को बेच दिया। सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो वायरल संतोष ने बताया कि जब उसे इस धोखाधड़ी का पता चला, तो वह बीती रात अपने गांव पहुंची और मकान बेचने का विरोध किया। इस पर मकान खरीदने वालों ने उसके साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एक बेटे पर एक करोड़ की धोखाधड़ी का अरोप इधर, गांव के सरपंच ने बताया कि संतोष रानी के पति का निधन हो चुका है और उनके दो बेटे हैं। सरपंच के अनुसार, संतोष का एक बेटा धर्मपाल शहर के एक आढ़ती के पास काम करता था। करीब दो साल पहले उसने जिंस खरीद सीजन के दौरान गांव रुहेडियांवाली और डंगरखेड़ा सहित अन्य गांवों के किसानों से जिंस खरीदने के बाद उनके पैसे नहीं दिए थे। धर्मपाल पर करीब एक करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। मां-बेटा कर्ज मांगने के चक्कर में हुए थे फरार इसी दौरान इसके बेटे धर्मपाल ने गांव के ही सुखराम नामक व्यक्ति से करीब 5 लाख रुपए लेकर अपने मकान का इकरारनामा उसके नाम कर दिया और उसके बाद धर्मपाल अपने भाई व मां के साथ रातों-रात गांव से फरार हो गए। इसके बाद धर्मपाल से पैसे लेने वालों काफी चक्कर लगाए, लेकिन इस महिला व धर्मपाल का कोई पता नहीं चला। इसके बाद सुखराम ही उक्त मकान पर काबिज था और समयावधि पूरी होने पर सुखराम ने एग्रीमेंट के आधार पर उक्त मकान गांव के ही किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। मकान खरीदने वालों पर कार्रवाई की मांग इस बारे में महिला संतोष रानी का कहना है कि उसका बेटा लोगों का देनदार हैं, लेकिन मकान हमारे नाम पर है और आज भी रिकार्ड में हमारे नाम पर ही बोलता है। जिन्होंने उसके बेटे को पैसे दिए, वे उससे अपने पैसे मांग सकते हैं, लेकिन मैं मेरा मकान खरीदने वालों पर कार्रवाई की मांग करती हूं।


