अब बिना ऑनलाइन पास के नहीं देख सकेंगे बॉर्डर:तनोट माता मंदिर की वेबसाइट पर करना होगा आवेदन, आज से नियम लागू

श्री तनोट माता मंदिर और भारत-पाक सीमा (बॉर्डर विजिट) देखने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खबर है। श्री तनोट माता मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए सीमा-दर्शन के लिए ऑनलाइन बॉर्डर पास अनिवार्य कर दिया है। यह नई व्यवस्था आज, 12 फरवरी 2026 से प्रभावी हो गई है। वेबसाइट से करना होगा आवेदन ट्रस्ट की ओर से जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, अब किसी भी आगंतुक को बिना पूर्व पंजीकरण के बॉर्डर क्षेत्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को यात्रा से पहले ट्रस्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.shritanotmatamandirtrust.com पर जाकर आवेदन करना होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद पास की कॉपी आवेदक के पंजीकृत ई-मेल पर भेजी जाएगी। चेक-इन के लिए साथ लानी होंगी 2 कॉपी ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय को कम करने के लिए श्रद्धालुओं को अपने पास की दो प्रिंटेड प्रतियाँ साथ लाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, सत्यापन के लिए वही मूल पहचान पत्र साथ रखना होगा, जिसका विवरण ऑनलाइन फॉर्म भरते समय दिया गया था। बच्चों को पास से छूट, वयस्कों के लिए अलग पंजीकरण नियमों के अनुसार, प्रत्येक वयस्क को अपना व्यक्तिगत पास बनवाना होगा। हालांकि, राहत की बात यह है कि 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग से पास बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने अभिभावकों के साथ प्रवेश कर सकेंगे। सुगम दर्शन के लिए उठाया कदम ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि सीजन के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ के कारण चेक-पोस्ट पर सत्यापन में काफी समय लगता था। ऑनलाइन व्यवस्था से न केवल सुरक्षा एजेंसियां डेटा को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकेंगी, बल्कि श्रद्धालुओं को भी घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ट्रस्ट ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे जैसलमेर से तनोट के लिए रवाना होने से पहले अपना ऑनलाइन पास सुनिश्चित कर लें ताकि सीमा चौकी पर किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

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