सिटी रिपोर्टर | बिलासपुर बिजली, पानी, नाली और सफाई जैसी बुनियादी समस्याओं को अब हर हाल में 21 दिन के भीतर सुलझाना होगा। प्रदेश के नगरीय निकायों में इन समस्याओं के महीनों तक लंबित रहने पर शासन ने सख्ती दिखाई है। हाल ही में नगर निगम बिलासपुर की सामान्य सभा में यह मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। बैठक में बताया गया कि निदान एप पर हर महीने करीब 300 शिकायतें दर्ज हो रही हैं, लेकिन उनका समय पर निराकरण नहीं हो पा रहा। अभी प्रदेश के निकायों में 50 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतें लंबित हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। राज्य के मुख्य सचिव विकास शील ने स्थिति को गंभीर मानते हुए साफ निर्देश दिए हैं कि 21 दिन की तय समय-सीमा में हर शिकायत का समाधान अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कहा है कि सभी शिकायतें पीजी पोर्टल पर भी दर्ज की जाएं, ताकि उनकी नियमित मॉनिटरिंग हो सके। शासन और विभाग स्तर पर नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए जाएंगे, जो शिकायतों की समीक्षा कर पेंडेंसी कम करेंगे। बिलासपुर नगर निगम के वार्ड 10 सिरगिट्टी में निवासी पुष्पेंद्र साहू ने कचरा गाड़ी कम आने और नियमित कचरा कलेक्शन नहीं होने की शिकायत की थी। छह माह बाद भी समस्या जस की तस है। वार्ड 58 में भी कचरा संग्रहण से जुड़ी शिकायतें लंबित हैं। एसएस साहू ने चार माह पहले शिकायत की थी, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ। ^शासन का स्पष्ट आदेश है कि अब हर हाल में 21 दिन में निकायों को लोगों की बुनियादी समस्याओं का निराकरण कर पोर्टल में दर्ज करना होगा। -राकेश अग्रवाल, जेडी, नगरीय प्रशासन


