नगर परिषद बाड़मेर का 1966 में सीमा विस्तार हुआ था। इसके बाद पिछले 59 सालों से सीमा विस्तार की मांग सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। 2019 में तत्कालीन वसुंधरा सरकार ने सीमा विस्तार के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद कांग्रेस सरकार ने रद्द कर दिया। इसके बाद कांग्रेस सरकार ने भी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले फिर से सीमा विस्तार के आदेश दिए थे, लेकिन पिछले डेढ़ साल से सीमा विस्तार अधरझूल में था। बाड़मेर मगरा और बाड़मेर गादान राजस्व गांवों को नगर परिषद सीमा विस्तार में शामिल किए जाने को लेकर कुछ लोगों ने स्टे ले लिया था। इसके बाद अब हाईकोर्ट ने बाड़मेर सहित प्रदेश की सभी नगर परिषद और पालिकाओं के स्टे खारिज कर दिए । इससे अब सीमा विस्तार की राह खुल गई है। कलेक्टर की ओर से जल्द इस मामले में कमेटी बनाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर परिषद बाड़मेर का सीमा विस्तार नहीं होने से बलदेव नगर, विष्णु कॉलोनी, राजीव नगर, तिलक नगर, दानजी की होदी, जाट कॉलोनी, शिव नगर, राम नगर, विदासर, बाड़मेर आगोर, बाड़मेर मगरा और बाड़मेर गादान सहित कई ऐसे इलाकों में रहने वाली करीब 60 हजार से ज्यादा की आबादी 5 दशक से परेशान है। दरअसल नगर परिषद इन इलाकों में पट्टे तो दे रही है, लेकिन यहां विकास के नाम कुछ भी नहीं करवाए हैं। सबसे बड़ी और ज्वलंत समस्या नाली की है। लोगों की डिमांड है कि सड़क तो वैसे भी नहीं हैं, लेकिन नाली और पानी की निकासी नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, इससे लोग परेशान है। शहर की आबादी क्षेत्र से जुड़ी 2 किमी. तक पूरी तरह से आबादी बस चुकी है। बारिश के दिनों में इन कॉलोनियों के हाल बदतर हो जाते हैं। नगरपरिषद में शामिल करने से विकास कार्यों के लिए बजट मिलने से आधारभूत सुविधाओं का विस्ताार होगा। 5 दशक से मिल रही सिर्फ तारीख पर तारीख, अब विस्तार की जगी उम्मीद वार्डों से बाहर भी घनी आबादी एनएच-68 के दशिक्ष, पूर्व और उत्तर दिशा की तरफ का पूरा हिस्सा नगर परिषद वार्ड सीमा से बाहर है। वर्तमान में चौहटन चौराहा, सदर थाना, चामुंडा चौराहा, सिणधरी चौराहा, बीएनसी चौराहा, नवले की चक्की, दानजी की हौदी, गेहूं रोड, सोन तालाब, गढ़ मंदिर, डोला डूंगरी तक वार्ड सीमा है। वर्तमान में शहर में 55 वार्ड है। अब सीमा विस्तार होने से हाइवे के बाहर की करीब 60 हजार आबादी का फायदा होगा। इससे 5 से ज्यादा नए वार्ड बनेंगे। “नगर परिषद सीमा विस्तार को लेकर हाईकोर्ट में स्टे था, जो अब खारिज हो गया है। अब सीमा विस्तार किया जा सकेगा।” -श्रवणसिंह राजावत, आयुक्त, नगर परिषद बाड़मेर। “नगर परिषद की सीमा विस्तार पर स्टे हट गया है। तो जल्द आगे की प्रक्रिया शुरू करेंगे, ताकि वार्डों से बाहर की वंचित आबादी को फायदा मिले।”
-टीना डाबी, कलेक्टर, बाड़मेर।


