त्रिपुरा से अमरनाथ यात्रा के लिए ड्यूटी पर जा रहे 1200 BSF जवानों को नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) ने खराब ट्रेन मुहैया कराई। जिसमें जवानों ने ट्रेन में बैठने से मना कर दिया। मामला 6 जून का है। इसकी जानकारी और ट्रेन के अंदर का वीडियो अब सामने आया है। जिसमें विंडो, दरवाजे, टॉयलेट और लाइट टूटी पड़ी हैं। बैठने वाली सीट पर गद्दी भी गायब है। वहीं फर्श पर कॉकरोच घूम रहे हैं। BSF जवानों के विरोध के चार दिन बाद NFR जोन ने मंगलवार को एक और ट्रेन मुहैया कराई। जिससे सभी जवान रवाना हुए। ऐसे में अमरनाथ यात्रा के लिए जवानों की तैनाती में भी देरी हो गई है। पहले इन जवानों को 12 जून तक कश्मीर में तैनात किया जाना था। ट्रेन के डिब्बों का महीनों से इस्तेमाल नहीं हुआ था
जवानों को अमरनाथ तीर्थयात्री ड्यूटी के लिए कश्मीर पहुंचना था। जिस ट्रेन से उन्हें जाना था, उसका BSF के कंपनी कमांडर ने निरीक्षण किया। ट्रेन की हालत देखकर वे हैरान रह गए। ट्रेन के डिब्बों की हालत काफी खराब थी। इसका इस्तेमाल जवानों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए नहीं किया जा सकता। जांच के बाद पता चला कि डिब्बों का महीनों से इस्तेमाल नहीं हुआ। हर डिब्बे में जगह-जगह टूटे-फूटे सामान पड़े थे। ट्रेन की खिड़कियों व दरवाजों में छेद थे। अधिकांश सीटों पर गंदगी फैली हुई थी। ट्रेन के कई डिब्बों में बल्ब या बिजली कनेक्शन नहीं था। रेलवे अधिकारी बोले- आपत्ति के बाद दूसरी ट्रेन दी गई
भारतीय रेलवे के NFR जोन के एक सीनियर अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि 6 जून को रवाना होने वाली ट्रेन को रद्द कर दिया गया है। कारण यह है कि बीएसएफ ने ट्रेन की खामियों पर कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके चलते अब उन्हें दूसरी ट्रेन दी गई है। नई ट्रेन मंगलवार को रवाना की गई। अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी, इस बार 38 दिन की 3 जुलाई से 9 अगस्त तक चलने वाली यात्रा पहली बार 38 दिन की हो रही है। 9 अगस्त को छड़ी मुबारक के साथ रक्षाबंधन के दिन पूरी होगी। इस साल यात्रा की अवधि पिछले साल के 52 दिनों के मुकाबले घटाकर 38 दिन कर दी गई है। 2025 अमरनाथ यात्रा के लिए इस बार हो रहे विशेष इंतजाम ——————– ये खबर भी पढ़ें… अमरनाथ यात्रा: पहलगाम रूट पर फेस रिक्गनिशन सिस्टम; आतंकी हमला रोकने में मददगार होगा जम्मू-कश्मीर पुलिस ने अमरनाथ यात्रा के पहलगाम रूट पर फेस रिक्गनिशन सिस्टम (FRS) लगाया है।यह सिस्टम ब्लैक लिस्टेड लोगों और घाटी में एक्टिव आतंकियों के कैमरे में आते ही सुरक्षा बलों को अलर्ट करेगा, ताकि तीर्थयात्रियों पर किसी भी तरह के आतंकवादी हमले को रोका जा सके। पढ़ें पूरी खबर…


