अमृतसर के श्री दुर्गियाना तीर्थ के पंडित मेघा शाम लाल ने होली और चंद्र ग्रहण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष होली का त्योहार 3 मार्च, मंगलवार को है, और इसी दिन पूर्णिमा के अवसर पर चंद्र ग्रहण भी पड़ रहा है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, ग्रहण के समय मंदिरों के द्वार बंद रहेंगे। पंडित मेघा शाम लाल के अनुसार, चंद्र ग्रहण सुबह करीब 6:20 बजे शुरू होगा और लगभग 65 मिनट तक चलेगा। इस दौरान मंदिर पूरी तरह से बंद रहेंगे। जैसे ही ग्रहण समाप्त होगा, मंदिर के द्वार फिर से खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि ग्रहण के बाद ठाकुर जी का विधिवत स्नान करवा कर सभी धार्मिक कर्मकांड, सेवा और पूजा-पाठ पुनः शुरू किए जाएंगे। इसके पश्चात संध्या आरती भी की जाएगी। चंद्र ग्रहण का प्रभाव आसपास के क्षेत्रों में पूर्णिमा का व्रत 2 मार्च यानी आज रखा गया है। इसी दिन लक्ष्मी नारायण मंदिर में भगवान की कथा भी सुनाई जाएगी। पंडित जी ने विशेष रूप से यह बताया कि चंद्र ग्रहण का प्रभाव केवल अमृतसर ही नहीं, बल्कि चंडीगढ़ समेत आसपास के क्षेत्रों में भी दिखाई देगा। सुबह 10 बजे दुर्गियाणा तीर्थ से पालकी यात्रा निकाली जाएगी होली उत्सव आज ही के दिन मनाया जाएगा। सुबह 10 बजे दुर्गियाणा तीर्थ से पालकी यात्रा निकाली जाएगी। पंडित जी ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचें, आपसी भाईचारे और श्रद्धा भाव से होली का त्योहार मनाएं और धार्मिक उत्सवों का आनंद लें। पंडित जी ने यह भी ध्यान दिलाया कि ग्रहण के समय मंदिरों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक गतिविधि नहीं करनी चाहिए। ग्रहण समाप्त होने पर मंदिरों में सभी धार्मिक क्रियाएं और पूजा विधि पूर्ववत चालू कर दी जाएंगी। इस प्रकार, दुर्गियाना तीर्थ में होली और चंद्र ग्रहण के अवसर पर विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें भक्तों की सुरक्षा और धार्मिक परंपराओं का विशेष ध्यान रखा गया है।


