भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल के 17 और 18 मार्च 2026 को होने वाले चुनाव को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन चंडीगढ़ के सदस्य एडवोकेट गुरेन्द्र सिंह सूद शुक्रवार अमृतसर कोर्ट में पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से मुलाकात की और चुनाव लड़ने के अपने एजेंडे के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एडवोकेट गुरेन्द्र सिंह सूद ने कहा कि मौजूदा समय में युवा और नव नियुक्त अधिवक्ताओं की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है। आर्थिक तंगी के कारण कई युवा वकील शुरुआती वर्षों में ही वकालत का पेशा छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि नई बार काउंसिल को इस दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए और युवा वकीलों को कम से कम 15 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड दिया जाना चाहिए, ताकि वे अपने करियर के शुरुआती वर्षों में आर्थिक रूप से मजबूत रह सकें। उन्होंने बताया कि वकालत के शुरुआती तीन साल सबसे अधिक संघर्षपूर्ण होते हैं। जैसे एक नए पौधे को बढ़ने के लिए सहारे की जरूरत होती है, उसी तरह नए वकीलों को भी शुरुआती दौर में आर्थिक और संस्थागत सहयोग मिलना चाहिए। यदि युवा वकीलों को यह सहयोग मिलेगा तो वे मजबूती से इस पेशे में टिक पाएंगे। एडवोकेट सूद ने अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा की व्यवस्था को भी जरूरी बताया। उनका कहना है कि नई बार काउंसिल को राज्य और केंद्र सरकार के साथ तालमेल कर सभी वकीलों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा की कवरेज सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने अधिवक्ता एक्ट को जल्द लागू करने और बार काउंसिल में वकीलों के खिलाफ आने वाली फर्जी शिकायतों की प्रक्रिया में सुधार की भी मांग उठाई। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारतीय न्याय प्रणाली एक नए दौर में प्रवेश कर रही है और सभी वकीलों को इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहिए। उन्होंने देशभक्ति से जुड़ी पंक्तियां पढ़ते हुए कहा कि जिस हृदय में देश के प्रति प्रेम नहीं है, वह पत्थर के समान है।


