अमृतसर में किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) पंजाब ने 27 फरवरी को डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर बड़ा प्रदर्शन करने की घोषणा की है। यह प्रदर्शन पत्रकारों पर दर्ज किए गए मामलों के विरोध में किया जाएगा। कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि इस धरने में संगठन बड़ी संख्या में शामिल होगा। सरवन सिंह पंधेर ने भगवंत मान सरकार को चेतावनी दी कि प्रेस की आज़ादी पर किसी भी तरह का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमे तुरंत रद्द किए जाएं। पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार और पुलिस के बयानों में विरोधाभास है। उन्होंने कहा कि कई मामलों को “जांच अधीन” बताकर टाला जा रहा है, जिससे मीडिया की स्वतंत्रता खतरे में है।
किसान नेता ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल इस दौरान, पंधेर ने हाल ही में हुए एनकाउंटर पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 19 वर्षीय युवक रणजीत सिंह, जिसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, उसे देर रात घर से उठाया गया और बाद में पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया। मामले में जांच की मांग पंधेर के अनुसार, रणजीत सिंह के परिवार – उनकी मां और चाचा – ने आरोप लगाए हैं कि यह एक फर्जी एनकाउंटर था। इस घटना से कई शंकाएं पैदा होती हैं। कमेटी ने मांग की है कि इस एनकाउंटर की जांच पंजाब पुलिस से ऊपर के स्तर पर करवाई जाए। दोषियों की जिम्मेदारी तय करवाएं इसके लिए हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जज या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की अपील की गई है, ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके। सरवन सिंह पंधेर ने मानवाधिकार संगठनों से भी अपील की कि वे इस मामले में खुलकर सामने आएं और दोषियों की जिम्मेदारी तय करवाएं।


