अमृतसर में बॉर्डरमैन मैराथन 2026 का आयोजन:महिलाओं के लिए फ्री पंजीकरण की सुविधा, 13 हजार से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया

अमृतसर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने ‘बॉर्डरमैन मैराथन 2026’ के पांचवें संस्करण का आयोजन किया। ‘हैंड इन हैंड विद बॉर्डर पॉपुलेशन’ थीम पर आधारित इस मैराथन में 13 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका उद्देश्य फिट इंडिया मूवमेंट और नशा मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देना है। BSF के आईजी अतुल फुलजले ने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस वर्ष की मैराथन में देश के विभिन्न राज्यों के पेशेवर एथलीटों और अंतरराष्ट्रीय धावकों ने भाग लिया। पंजाब के सीमावर्ती जिलों के युवाओं ने भी इसमें सक्रिय भागीदारी की। मैराथन को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया था: फुल मैराथन (42.195 किमी), हाफ मैराथन (21.097 किमी) और 10 किलोमीटर दौड़। महिलाओं के लिए फ्री पंजीकरण 42 किलोमीटर की फुल मैराथन अमृतसर के गोल्डन गेट से शुरू होकर अटारी जॉइंट चेक पोस्ट तक के ऐतिहासिक मार्ग पर आयोजित की गई। महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए BSF ने सभी श्रेणियों में उनके लिए निःशुल्क पंजीकरण की सुविधा प्रदान की थी। विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि भी तय की गई। फुल मैराथन के विजेता को 1.5 लाख रुपये, हाफ मैराथन के विजेता को 75 हजार रुपये और 10 किलोमीटर दौड़ के विजेता को 40 हजार रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं के लिए एक विशेष श्रेणी भी बनाई गई, जिसमें प्रत्येक वर्ग के शीर्ष तीन विजेताओं को उच्च गुणवत्ता वाली साइकिलें पुरस्कार के रूप में दी जाएंगी। BSF के आईजी अतुल फुलजले ने अपने संबोधन में बताया कि वर्ष 2022 में शुरू हुई यह वार्षिक मैराथन, जिसे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से मान्यता प्राप्त है, हर साल बड़े पैमाने पर आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि बॉर्डरमैन मैराथन सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों के साथ संबंधों को मजबूत करने का एक माध्यम भी है। नशे से दूर रहने का संदेश ‘हैंड इन हैंड विद बॉर्डर पॉपुलेशन’ थीम के तहत आयोजित यह मैराथन युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करने और नशे से दूर रखने का संदेश देती है। कार्यक्रम में शामिल युवाओं ने BSF के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को नशे से दूर रखने और फिट रहने के लिए प्रेरित करते हैं। कई वरिष्ठ प्रतिभागियों ने भी उत्साह के साथ भाग लेते हुए कहा कि 60 से 70 वर्ष की आयु में भी मैराथन दौड़ना संभव है और इस आयु वर्ग के लिए अलग श्रेणी शुरू की जानी चाहिए।हिस्सा लेने वाले युवाओं ने कहा कि यह BSF का बहुत ही सराहनीय प्रयास है। ऐसे आयोजन लगातार होने चाहिए, ताकि युवा नशों से दूर रहकर खेलों की ओर प्रेरित हों। मैराथन में भाग लेने से शरीर फिट रहता है और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। हम चाहते हैं कि भविष्य में भी इस तरह के खेल आयोजन होते रहें।” “सीमा प्रहरी मैराथन 2022 में शुरू हुई BSF की एक बेहतरीन पहल है, जो देश की युवा पीढ़ी को सकारात्मक संदेश देती है। हम 60 से 70 साल की उम्र में भी मैराथन दौड़ सकते हैं, तो युवा क्यों नहीं? BSF को 60–70 वर्ष आयु वर्ग के लिए अलग श्रेणी भी शुरू करनी चाहिए। दौड़ना हमारा जुनून है, हमें जितना दौड़ाया जाए हम तैयार हैं।”

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