अमृतसर में महा शिवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है । शहर के प्रसिद्ध शिवाला भाइयां मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी है। हर-हर महादेव और जय भोलेनाथ के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। दूर-दराज से आए श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लेने पहुंचे है। मंदिर प्रबंधन समिति की ओर से सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए है। महा शिवरात्रि के अवसर पर भक्तों ने शिवलिंग पर जल, दूध, कच्ची लस्सी, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव का विवाह माता पार्वती से हुआ था। मंदिर के पुजारी पंडित मेघा शामलाल शर्मा ने बताया कि इस दिन व्रत रखने का विशेष महत्व है। शिवरात्रि व्रत का विशेष महत्व, 16 सोमवार के बराबर फलदायी कई श्रद्धालु फलाहार व्रत रखते हैं, जबकि कुछ निराहार रहकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो लोग 16 सोमवार का व्रत रखते हैं, लेकिन शिवरात्रि का व्रत भी उतना ही फलदायी माना जाता है। पंडित जी ने बताया कि कुंवारी कन्याएं माता गौरा का व्रत रखती हैं ताकि उन्हें योग्य वर प्राप्त हो। रात को विशेष रूप से रुद्राभिषेक किया जाता है और फूल-माला, बेलपत्र व धतूरा चढ़ाकर भगवान शिव को प्रसन्न किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई पूजा से भोले बाबा सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।


