अमृतसर में सीआईए स्टाफ और महिला वकील विवाद ने तूल पकड़ लिया है। कोर्ट में पेशी के दौरान महिला वकील ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कई बड़े खुलासे किए। पेशी के समय अदालत परिसर में काफी हलचल रही और वकील समुदाय के लोग भी मौजूद रहे। महिला वकील ने रोते हुए अदालत में कहा कि उन्होंने पहले CIA स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी। इसी रंजिश में पुलिस ने उनके खिलाफ झूठा केस दर्ज कर दिया। उनका आरोप है कि उन्हें बाजार से जबरन उठाया गया और थाने में ले जाकर मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जाता रहा, लेकिन जब उन्होंने इनकार किया तो उन्हें थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया। मारपीट में हाथ टूटने का दावा, निष्पक्ष जांच की मांग वकील ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ इतनी मारपीट की कि उनका हाथ तक टूट गया। उन्होंने अदालत से निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। बार एसोसिएशन ने पुलिस कार्रवाई की निंदा की इस मामले पर बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप सैणी ने कहा कि अगर पुलिस को किसी वकील से कोई शिकायत थी तो पहले बार एसोसिएशन को सूचित करना चाहिए था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वकील समुदाय अन्याय के खिलाफ हमेशा आवाज उठाता रहा है। वहीं पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया और उच्च अधिकारियों का हवाला दिया। मामले को लेकर वकील समुदाय में रोष बना हुआ है।
अब आपको बताते हैं इस मामले से जुड़ा दूसरा पक्ष जानकारी के अनुसार, थाना रंजीत एवेन्यू, अमृतसर में 3 मार्च 2026 को मुकदमा नंबर 42 दर्ज किया गया। मामला बीएनएस की धारा 308(2), 3(5) और 351(3) के तहत दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता गांव तलवंडी दसौंधा सिंह का मौजूदा सरपंच है। शिकायत के मुताबिक, गांव के गुरमेज सिंह को कुछ लोगों ने फोन कर कथित तौर पर ब्लैकमेल करना शुरू किया। आरोप है कि पहले 500 रुपय के गूगल पे ट्रांजेक्शन का हवाला दिया गया और बाद में 10 लाख रुपय की मांग की गई। पैसे न देने पर कार्रवाई की धमकी देने का भी आरोप है। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने रंजीत एवेन्यू स्थित एक रेस्टोरेंट में कल दोपहर 2 बजे मिलने के लिए बुलाया। पुलिस पहले से सतर्क थी। जैसे ही कथित आरोपी पैसे लेकर जाने लगे, पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनजीत सिंह को मौके पर काबू कर लिया। वहीं एक महिला आरोपी सिमरनजीत कौर की पहचान भी की गई। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के कब्जे से 4 लाख 50 हजार रुपय बरामद किए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


