शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की अंतरिम कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक 26 फरवरी को सुबह 11 बजे अमृतसर स्थित मुख्य कार्यालय में होगी। यह बैठक एक-सूत्रीय एजेंडे पर बुलाई गई है, जिसमें सिख पंथ से जुड़े अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा ज्ञानी रघुबीर सिंह से जुड़े घटनाक्रम पर चर्चा करना है। इसके साथ ही, श्री हरिमंदिर साहिब के नए हेड ग्रंथी की नियुक्ति पर भी निर्णय लिया जा सकता है। श्री अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार और श्री हरिमंदिर साहिब के मौजूदा मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघुबीर सिंह ने SGPC द्वारा जारी 72 घंटे के नोटिस का लिखित जवाब रविवार को संबंधित अधिकारियों को सौंप दिया था। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि पहले उनके उठाए गए सवालों का उत्तर दिया जाए, अन्यथा वे “अंदर की पूरी सच्चाई” संगत के सामने सार्वजनिक करेंगे। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में हमेशा पंथक मर्यादाओं और परंपराओं का पालन किया है। उल्लेखनीय है कि 18 फरवरी को जालंधर में एक प्रेस वार्ता के दौरान ज्ञानी रघुबीर सिंह ने SGPC में कथित भ्रष्टाचार और जमीनों के सौदों में पारदर्शिता की कमी को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। ज्ञानी रघुबीर सिंह बोले- सोशल मीडिया से मिली जानकारी इन आरोपों के अगले दिन हुई कार्यकारी बैठक में उन्हें 72 घंटे का नोटिस जारी किया गया था। ज्ञानी रघुबीर सिंह का कहना है कि उन्हें नोटिस की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली, क्योंकि उस समय वे पंजाब से बाहर थे। उन्होंने दावा किया है कि उनके पास उठाए गए हर मुद्दे से संबंधित दस्तावेज और प्रमाण मौजूद हैं। उनका कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पंथक संस्थाओं की पवित्रता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए है। ज्ञानी रघुबीर सिंह ने संगत से अपील की है कि किसी भी प्रकार के भ्रम में न आएं और धैर्य बनाए रखें। उन्होंने दोहराया कि यदि SGPC उनके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं देती, तो वे सभी तथ्य सार्वजनिक करेंगे।अब 26 फरवरी की बैठक पर पूरे पंथक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि अंतरिम कमेटी इस मामले में क्या रुख अपनाती है और क्या कोई बड़ा प्रशासनिक या धार्मिक फैसला सामने आता है।


