अमेरिकी डॉक्टर बोले-डल्लेवाल पर सुप्रीम कोर्ट में पेश रिपोर्ट गलत:इम्यूनिटी कमजोर हुई, इन्फेक्शन का खतरा; जाखड़ ने कहा- जान से खिलवाड़ हो रहा

खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत डल्लेवाल के आमरण अनशन को आज (23 दिसंबर) 28 दिन हो गए हैं। उनकी सेहत नाजुक बनी हुई है। इम्यूनिटी भी कमजोर हो चुकी है। पंजाबी मूल के अमेरिकी डॉक्टर स्वैमान सिंह ने डल्लेवाल की सेहत को लेकर यह बातें कहीं। उनसे जुड़ी टीम ही डल्लेवाल की देखरेख कर रही है। स्वैमान सिंह ने कहा, “डल्लेवाल को इन्फेक्शन का भी खतरा है। जिस वजह से वे रविवार पूरा दिन आंदोलन के मंच पर भी नहीं आए। उन्होंने एक वीडियो जारी कर कहा, ”अगर किसी व्यक्ति ने 26 दिन तक कुछ नहीं खाया है तो उसकी हालत सामान्य नहीं हो सकती। इतना कुछ होने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट को दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि डल्लेवाल की तबीयत नॉर्मल है। डल्लेवाल की जिंदगी के साथ राजनीति की जा रही है।’ डल्लेवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगातार 3 दिन सुनवाई की 1. पंजाब सरकार को कहा– आपको हालात संभालने होंगे
17 दिसंबर की सुनवाई में पंजाब सरकार ने कहा था कि डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उनसे भावनाएं जुड़ी हुई हैं। राज्य को कुछ करना चाहिए। ढिलाई नहीं बरती जा सकती है। आपको हालात संभालने होंगे। डल्लेवाल पब्लिक पर्सनालिटी हैं। उनके साथ किसानों के हित जुड़े हुए हैं। 2. बिना जांच कौन डॉक्टर कह रहा कि 70 साल का आदमी ठीक है
18 दिसंबर को पंजाब सरकार ने कहा कि डल्लेवाल की तबीयत ठीक है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि 70 साल का आदमी 24 दिन से भूख हड़ताल पर है। कौन डॉक्टर है, जो बिना किसी टेस्ट के डल्लेवाल को सही बता रहा है?। आप कैसे कह सकते हैं डल्लेवाल ठीक हैं? जब उनकी कोई जांच नहीं हुई, ब्लड टेस्ट नहीं हुआ, ECG नहीं हुई, तो कैसे कह सकते हैं कि वह ठीक हैं?। 3. पंजाब सरकार उन्हें अस्थाई अस्पताल में शिफ्ट क्यों नहीं करती
19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि डल्लेवाल की हालत रोज बिगड़ रही है। पंजाब सरकार उन्हें अस्पताल में शिफ्ट में क्यों नहीं कराती है। यह उन्हीं की जिम्मेदारी है। डल्लेवाल के स्वास्थ्य की स्थिर स्थिति सुनिश्चित करना पंजाब सरकार की जिम्मेदारी है। यदि उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होती है तो अधिकारी निर्णय लेंगे। अगली सुनवाई 2 जनवरी को होगी। सुनील जाखड़ बोले- डल्लेवाल की जान से खिलवाड़ हो रहा
उधर, पंजाब भाजपा के प्रधान पद से इस्तीफा दे चुके सुनील जाखड़ डल्लेवाल के सपोर्ट में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी जान बचाने की बात करनी चाहिए। डल्लेवाल की जान से खिलवाड़ हो रहा है। रोज उनकी रिपोर्ट देख लेते हैं कि उनके ऑर्गेन फेल हो रहे हैं। 70 साल उनकी उम्र है। अगर उनकी किडनी पर असर हो गया तो सारी जिंदगी डायलिसिस पर रहना होगा। इस उम्र में ट्रांसप्लांट नहीं हो सकता। खनौरी बॉर्डर पर पक्के शेड्स, वाईफाई, ठंड से बचने का इंतजाम केंद्र सरकार के बातचीत न करने की वजह से हरियाणा–पंजाब का खनौरी बॉर्डर किसान आंदोलन का नया सेंटर बनता जा रहा है। यहां पर किसानों ने पक्के शेड बनाने शुरू कर दिए हैं। ठंड से बचने के लिए लकड़ियां इकट्‌ठी की जा रही हैं। किसानों के लिए कंबल समेत दूसरे कपड़े भी पहुंच गए हैं। यहां वाईफाई कनेक्शन भी इंस्टॉल किए जा रहे हैं। किसान फसल के MSP पर खरीद की गारंटी के कानून की मांग कर रहे हैं। खनौरी बॉर्डर के 5 फोटोज किसानों के आगे की संघर्ष की 2 रणनीति.. 1. 24 दिसंबर को कैंडल मार्च, 30 को पंजाब बंद
आंदोलन की अगुआई कर रहे किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन पॉलिटिकल) ने 24 दिसंबर को शाम साढ़े 5 बजे कैंडल मार्च निकालेगा। उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत डल्लेवाल के समर्थन में पूरे देश से इसमें शामिल होने की अपील की है। वहीं 30 दिसंबर को आंदोलन के समर्थन में पंजाब बंद की कॉल दी गई है। 2. 24 दिसंबर को SKM संग मीटिंग
दिल्ली में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन करने वाला संयुक्त किसान मोर्चा सीधे इस आंदोलन में शामिल नहीं हुआ है। हालांकि वह मदद के लिए तैयार हैं। इसको लेकर उनकी एक मीटिंग 21 दिसंबर को पटियाला में हो चुकी है। जिसमें आंदोलन में शामिल नेता सरवण पंधेर के अलावा SKM से दर्शन पाल भी शामिल हुए थे। अब दूसरी मीटिंग 24 दिसंबर को होगी। ————————– किसान आंदोलन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-डल्लेवाल की हालत रोज बिगड़ रही, पंजाब सरकार उन्हें अस्थाई अस्पताल में शिफ्ट क्यों नहीं कराती, ये उन्हीं की जिम्मेदारी हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर 25 दिन से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में 20 दिसंबर को सुनवाई हुई। पंजाब सरकार के अटॉर्नी जनरल (AG) गुरमिंदर सिंह ने डल्लेवाल के स्वास्थ्य से जुड़ी अपडेट रिपोर्ट सौंपी। पूरी खबर पढ़ें…

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