एशियन और यूरोपीय बाजारों में तेजी के बाद आज यानी, मंगलवार 8 अप्रैल को अमेरिकी शेयर बाजार में भी तेजी है। डाउ जोन्स इंडेक्स में करीब 1300 अंक या 3.40% की तेजी है। लगातार तीन कारोबारी दिन में 10% गिरने के बाद आज अमेरिकी बाजार में तेजी आई है। वहीं, SP 500 इंडेक्स 170 अंक या 3.35% के तेजी के साथ 5,232 के स्तर पर पहुंच गया है। नैस्डेक कंपोजिट में 590 पॉइंट या 3.80% की तेजी है। ये 16,190 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। एनवीडिया, जेपी मॉर्गन और बोइंग जैसे शेयरों में 7.60% तक की तेजी है। 7 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में 0.91% की गिरावट रही 7 अप्रैल को अमेरिका का डाउ जोन्स 349 अंक (0.91%) गिरकर 37,965 पर बंद हुआ। SP 500 इंडेक्स में 0.23% की गिरावट रही। नैस्डेक कंपोजिट 0.09% चढ़ा था। एशिया और यूरोप के बाजारों में भी तेजी रही 8 अप्रैल को जापान का निक्केई में 6.03%, कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.26%, चीन का शंघाई इंडेक्स 1.58% चढ़ा है। हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग इंडेक्स में 1.51% की तेजी रही। यूरोपीय बाजारों में जर्मनी का डैक्स इंडेक्स 3.05% चढ़कर बंद हुआ। UK के FTSE 100 इंडेक्स में 3.54% और स्पेन का IBEX 35 इंडेक्स में 3.01% तेजी रही। बाजार में अस्थिरता की वजह 3 अप्रैल को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने दुनियाभर में जैसे को तैसा टैरिफ लगाया था। भारत पर 26% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। चीन पर 34%, यूरोपीय यूनियन पर 20%, साउथ कोरिया पर 25%, जापान पर 24%, वियतनाम पर 46% और ताइवान पर 32% टैरिफ लगेगा। इस कदम ने टैरिफ वॉर शुरू कर दिया है। अमेरिका के टैरिफ के जवाब में चीन ने अमेरिका पर 34% जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। नया टैरिफ 10 अप्रैल से लागू होगा। चीन के ऐलान के बाद ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि अगर चीन अमेरिका पर लगाया गया 34% टैरिफ वापस नहीं लेता है तो उस पर बुधवार से 50% एडिशनल टैरिफ लागू होगा। टैरिफ वॉर ने इकोनॉमिक स्लोडाउन की चिंता को बढ़ा दिया है। टैरिफ से सामान महंगा होने पर लोग कम खरीदारी करेंगे, जिससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो सकती है। साथ ही, मांग कम होने से कच्चे तेल की कीमतें भी गिरी हैं। ये कमजोर इकोनॉमिक एक्टिविटी का संकेत है। 9 अप्रैल से लागू होंगे रेसिप्रोकल टैरिफ अमेरिका में आने वाले सभी सामानों पर 10% बेसलाइन (न्यूनतम) टैरिफ लगाया गया है। बेसलाइन टैरिफ 5 अप्रैल से लागू हो गया है। वहीं रेसिप्रोकल टैरिफ 9 अप्रैल को रात 12 बजे के बाद लागू होंगे। बेसलाइन टैरिफ व्यापार के सामान्य नियमों के तहत आयात पर लगाया जाता है, जबकि रेसिप्रोकल टैरिफ किसी अन्य देश के टैरिफ के जवाब में लगाया जाता है।


