आमतौर पर लोग अपनी मांग मनवाने के लिए धरने,प्रदर्शन, पुतला दहन कर अपना विरोध प्रदर्शन करते हैं लेकिन भीलवाड़ा जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर आज एक बड़ा अनूठा और अनोखा प्रदर्शन देखने को मिला यहां कला के क्षेत्र से जुड़े कलाकार युवा हारमोनियम,ढोल,मंजीरा लेकर पहुंचे और गाते बजाते हुए उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन के बाद उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया जिसमें उन्होंने राजस्थान सरकार से कला शिक्षक की नियुक्ति करने की मांग की है। संगीतकार सचिन ने बताया की सन 1992 से कला शिक्षा तो निरंतर है लेकिन अब तक कला शिक्षक की नियुक्ति नहीं हुई है। इसी नियुक्ति को लेकर भीलवाड़ा के सभी कला बेरोजगार शिक्षकों ने आज गाते- बजाते हुए शांतिपूर्वक कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया है ताकि राजस्थान सरकार तक हमारी बात पहुंचे और कला के क्षेत्र से जुड़े युवाओं को कला शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिल सके। राजस्थान कला के क्षेत्र में पूरे देश और दुनिया में एक अनोखी छवि रखता है लेकिन अब राजस्थान एक अधूरे कलाकार को जन्म दे रहा है हम आने वाली पीढ़ी के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि आने वाली पीढ़ी को कला के क्षेत्र में अच्छी शिक्षा मिल सके। हम सभी युवा ढोल, हारमोनियम और मजीरा के साथ गाते हुए इसलिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं ताकि सरकार को हमारी प्रतिभा के बारे में पता चले और उन्हें महसूस हो कि हमारे पास प्रतिभा है और हम इसकी नियुक्ति के काबिल है। भीलवाड़ा जिले भर में 800 से 1000 के करीब कला के क्षेत्र से जुड़े ऐसे युवा है जो बेरोजगार है हम मांग करते हैं कि राजस्थान सरकार बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवा कर कला शिक्षक के रूप में नियुक्ति करे।इस दौरान बड़ी संख्या में अलग-अलग फील्ड से जुड़े कलाकारों ने जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर म्यूजिकल प्रदर्शन किया और अपनी बात प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाई।


