अर्जुन-शिवाजी- महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों की वीरता में माताओं के संस्कारों का योगदान: वैष्णवी

भास्कर न्यूज | लुधियाना दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा सेक्टर 32ए चंडीगढ़ रोड स्थित बीसीएम स्कूल के मैदान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का वीरवार को समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन भारी संख्या में उमड़े जनसैलाब ने प्रभु भक्ति का आनंद लिया। कथा व्यास साध्वी वैष्णवी भारती ने सातवें दिन भगवान श्रीकृष्ण के अलौकिक चरित्र पर प्रकाश डाला। उन्होंने विशेष रूप से नई पीढ़ी के निर्माण में माता-पिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अर्जुन, शिवाजी और महाराणा प्रताप जैसे महापुरुषों की वीरता के पीछे उनकी माताओं के उच्च संस्कार थे। साध्वी ने कहा कि ध्रुव और प्रहलाद में जो अद्भुत भक्ति बल था वह उनकी जननी की शिक्षा का ही प्रभाव था। आज भी यदि समाज को वीर और चरित्रवान संतानें चाहिए तो माताओं को मदालसा देवी की भांति बच्चों को पालने से ही आध्यात्मिक लोरियां सुनानी होंगी। भौमासुर वध के प्रसंग को सुनाते हुए साध्वी ने बताया कि भगवान कृष्ण ने 16 हजार बंदी राजकुमारियों को मुक्त कराकर उन्हें समाज में सम्मान दिलाने के लिए अपना नाम दिया। उन्होंने आज के दौर में कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो समाज देवी दुर्गा और लक्ष्मी की पूजा करता है उसे बेटियों को कोख में मारने का कोई अधिकार नहीं है। नारी को अपनी रक्षा के लिए ब्रह्मज्ञान द्वारा अपनी आंतरिक शक्ति को जगाना होगा। कार्यक्रम के अंतिम दिन मुख्य यजमान साजन अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल व अन्य यजमानों ने सपरिवार पूजन किया। समारोह में विधायक दलजीत सिंह गरेवाल, मेयर इंद्रजीत कौर, डॉ. रोमी बॉबी, अनमोल क्वातरा सहित प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से पहुंचे। स्वामी यशेश्वरानंद व स्वामी विनयानंद के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। अंत में महाआरती के साथ विश्व शांति की प्रार्थना की गई।

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