अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े संदिग्ध आतंकी शाहबाज अंसारी को लोहरदगा से गिरफ्तार कर लिया गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एटीएस झारखंड ने शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे उसे सेन्हा के चितरी अंबा टोली से गिरफ्तार करने में सफलता पाई। शाहबाज रांची के चान्हो का रहने वाला है। उसकी गिरफ्तारी के लिए 16 अगस्त 2024 को भी छापेमारी की गई थी। लेकिन, वह बच निकला था। शाहबाज पर देश के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसे कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले जाएगी। -शेष पेज 13 पर शाहबाज ने राजस्थान में ली थी ट्रेनिंग… पुलिस सूत्रों के अनुसार शाहबाज रांची के डॉ इश्तियाक के संपर्क में था। राजस्थान के भिवाड़ी में अलकायदा मॉड्यूल के ट्रेनिंग कैंप में शामिल था। केंद्रीय एजेंसियों को इसकी भनक लगी थी। इसके बाद पिछले साल झारखंड, दिल्ली और राजस्थान में कार्रवाई की गई थी। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस की टीम ने 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया था केस दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एटीएस झारखंड के साथ 22 अगस्त 2024 को रांची, लोहरदगा व हजारीबाग में छापेमारी की थी। अलकायदा मॉड्यूल के मास्टरमाइंड डॉ इश्तियाक अहमद को रांची से गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मदरसा में पढ़ाने वाला मुफ्ती रहमतुल्ला, मतीउर रहमान, रिजवान बाबर और फैजान अहमद को भी पकड़ा था। हजारीबाग का फैजान अहमद लोहसिंघना में दवा का कारोबार करता था। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में (कांड संख्या 301/24) केस दर्ज हुआ था। सेन्हा में रिश्तेदार के घर में पिछले 10 दिनों से छिपा था संदिग्ध शाहबाज अगस्त 2024 से फरार था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और झारखंड एटीएस को उसके सेन्हा के चितरी अंबा टोली में छिपे रहने की सूचना मिली। यहां शहबाज के साढ़ू जमील अंसारी का घर है। शाहबाज यहां 31 दिसंबर को आया था और 10 दिनों से घर में छिपकर रह रहा था। टीम ने यहां छापेमारी की और उसे गिरफ्तार कर लिया।


