अलवर के सरिस्का इलाके में एक मगरमच्छ आबादी क्षेत्र में घुस गया। वन विभाग को सूचित करने के बजाय, ग्रामीणों ने खुद ही रेस्क्यू का फैसला किया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ को घेर लिया और उसे लाठियों से पीटा, जिससे वह लहूलुहान हो गया। मगरमच्छ का मुंह लाठियों से दबाया और फिर उसे प्लास्टिक की रस्सी से बांध दिया। इसके बाद मगरमच्छ को एक बोरे में डालकर जंगल में छोड़ दिया। इस दौरान लोग मगरमच्छ की फोटो और वीडियो बनाते रहे। घटना 17 फरवरी को अलवर-जयपुर रोड पर भृर्तहरि तिराहे के पास एक पुलिया पर हुई। घटना का वीडियो शुक्रवार को सामने आया। अब देखिए, घटना से जुड़ी PHOTOS… वन विभाग के अधिकारियों को नहीं दी सूचना प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 17 फरवरी को दोपहर 12 बजे भर्तहरि तिराहे के पास एक मगरमच्छ दिखाई दिया, जिसके बाद गांव के कुछ लोग वहां जमा हो गए। मगरमच्छ की फोटो और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद पहले तो लाठियों से मगरमच्छ को पीटा और फिर उसके मुंह को प्लास्टिक की रस्सी से बांधने का प्रयास किया। उन्होंने डंडे का फंदा बनाकर उसके मुंह को काबू में करने की कोशिश की। कुछ देर बाद मगरमच्छ को जंगल की ओर छोड़ दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान न तो पुलिस को सूचना दी गई और न ही सरिस्का या वन विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली। मगरमच्छ को सुरक्षित जंगल में छोड़ा माधोगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि (प्रशासक) पेमाराम ने बताया- कुछ ग्रामीण मगरमच्छ को पकड़ रहे थे। रेस्क्यू करते समय कुछ लोगों को चोटें भी आईं, लेकिन मगरमच्छ को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया। वन विभाग से अपील की है कि वे जंगली जानवरों का ध्यान रखें ताकि वे आबादी वाले इलाकों में न आ पाएं। सरिस्का DFO अभिमन्यु सहारन ने कहा- मामले में अभी वीडियो सामने आए हैं, मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।


