जैन समाज की ओर से गुरुवार को अलवर शहर में महावीर जयंती पर निकाली गई शोभायात्रा में जीओ और जीनो दो का संदेश बहुत मार्मिक तरीके से दिया गया। इस बार शोभा यात्रा में एक झांकी हैदराबाद में उजड़ते जंगल और धराशायी हाथी की दिखी। जिसने भी झांकी को देखा सबको हैदराबाद में बड़े जंगल को नष्ट करने की तस्वीर जहर में उतर गई। इसके अलावा झांकी में पेड़ बचाने, जीओ और जीने दो थीम पर अनेक आकर्षक झांकियों का आकर्षण रहा। शोभा यात्रा का मार्ग: मुंशी बाजार, त्रिपोलिया, बजाजा बाजार, होपसर्कस, घंटाघर, पंसारी बाजार, वीर चौक, पुलिस कंट्रोलरूम, मोहिना बाबा की प्याऊ रहा। स्वर्ण रथ को हाथों से खींचा महावीर जयंती महोत्सव समिति के अध्यक्ष महेंद्र जैन सचेती ने बताया कि हलवाई पाड़ा मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन खंडेलवाल पंचायती मंदिर से सुबह 9 बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में घोड़े, हाथी, बैंड, भजन मंडली, 16 झांकियां और श्रीजी का स्वर्ण रथ रहा। श्रीजी के स्वर्ण रथ को जैन समाज के लोगों ने हाथों से खींचा। शोभायात्रा प्रमुख मार्गों से होती हुई कार्यक्रम स्थल करौली कुंड स्थित जैन नसिया जी पहुंची। शोभायात्रा के जैन नसियाजी पहुंचने पर झंडारोहण के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। दोपहर 12.40 बजे पल्लीवाल जैन युवक मंडल की ओर से स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया। आचार्य हस्ती चिकित्सालय और महावीर इंटरनेशनल की ओर से चिकित्सा शिविर, दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, शाम 6.30 बजे जैन संस्कृति रक्षा मंच की ओर से महाआरती, 7.30 बजे समारोह में रक्तदाताओं का सम्मान और रात 8.15 बजे पालना झुलाने का कार्यक्रम होगा। दिनभर चलेंगे आयोजन जैन नसिया जी में 11 अप्रैल को सुबह 8.30 बजे निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया जाएगा, सुबह 10.30 बजे थाली सज्जा व मेहंदी प्रतियोगिता, सुबह 11.30 से शाम 5.30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, शाम 7 बजे प्रवचन , शाम 7.30 सम्मान समारोह, रात 8.30 बजे कवि सम्मेलन होगा। 12 अप्रैल को सुबह 9 बजे नसिया जी से हलवाई पाड़ा मोहल्ला स्थित दिगंबर जैन खंडेलवाल पंचायती मंदिर के लिए रथ यात्रा रवाना होगी। नसिया जी में शाम 7.30 बजे सम्मान समारोह व रात 8.15 बजे नृत्य नाटिका का आयोजन होगा। 10 साल से हाथों से खींच रहे रथ समाज के महेश जैन ने बताया कि पहले बैल से रथ को खींचा जाता था। 10 साल पहले से बैल की जगह हाथों से रथ को खींचा जाने लगा है। यह रथ सोने का है। लकड़ी कर रथ बनाने के बाद उस पर सोने की अच्छी पॉलिश की गई है। रथ पर सोने का पूरा कार्य जयंती परिवार की तरफ से कराया गया है। मनीष जैन ने बताया कि इसमें श्वेतांबर, दिगंबर व सकल जैन समाज मिलकर शोभायात्रा निकालते हैं। मुख्य रूप से भगवान महावीरजी के बताए मार्ग पर चलने का संदेश दिया जाता है।


