सीधी जिले के रामपुर नैकिन तहसील के ग्राम रघुनाथपुर में अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री मझिगंवा के खिलाफ ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। मंगलवार दोपहर 1 बजे से रघुनाथपुर (बघवार) रेलवे स्टेशन परिसर में किसान और ग्रामीण धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। यह आंदोलन अनियमित क्लिंकर परिवहन और भंडारण के विरोध में किया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री द्वारा खुले में क्लिंकर का परिवहन, भंडारण और रेलवे बोगियों में लोडिंग की जाती है। इससे पूरे क्षेत्र में चूना पत्थर की धूल फैल गई है। ग्रामीणों के अनुसार, धूल के कारण दिन में खाना-पीना मुश्किल हो गया है, रात में सांस लेने में दिक्कत होती है और घर से बाहर निकलते ही आंखों में धूल भर जाती है। लगातार धूल के संपर्क में रहने से कई लोग बीमार हो चुके हैं, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से प्रभावित हैं। खबर लिखे जाने तक न तो रेलवे विभाग का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही अल्ट्राटेक प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिनिधि सामने आया। आंदोलन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए थाना प्रभारी रामपुर नैकिन सुधांशु तिवारी अपनी टीम के साथ मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि यह आंदोलन रेलवे स्टेशन परिसर में हो रहा है, यह मूल रूप से जीआरपी का कार्यक्षेत्र है, लेकिन स्थानीय पुलिस सुरक्षा की दृष्टि से पूरी तरह मोर्चा संभाले हुए है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक इंतजाम कर रही है। इस मामले पर अधिवक्ता अंबुज पांडे ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसान और ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं। क्लिंकर की धूल से कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, घरों के भीतर तक धूल घुस गई है, और बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर कई लोगों को मेडिकल कॉलेज रीवा रेफर किया गया है। इसके बावजूद अल्ट्राटेक प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। अधिवक्ता अंबुज पांडे ने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह नियमों की अनदेखी और मनमानी जारी रही, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की होगी। फिलहाल ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई और प्रदूषण से मुक्ति की उम्मीद में आंदोलन पर डटे हुए हैं।


