जोधपुरा संघर्ष समिति के एक प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कोटपूतली स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट से हो रहे प्रदूषण और कंपनी की मनमानी के कारण क्षेत्र के निवासियों पर पड़ रहे दुष्प्रभावों से गहलोत को अवगत कराया। सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने गहलोत को बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के खिलाफ हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया था। इस आदेश में मंदिर, स्कूल, आबादी और बसावटों से 500 मीटर की परिधि में ब्लास्टिंग न करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अतिरिक्त, रात में ध्वनि प्रदूषण और तेज लाइटिंग पर भी प्रतिबंध लगाने को कहा गया था, ताकि आमजन और पशुधन की नींद में बाधा न पड़े। प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए एक समिति गठित करने और उनके स्वास्थ्य परीक्षण हेतु हर माह दो बार मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश भी दिए गए थे। इन आदेशों की पालना की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर कोटपुतली-बहरोड़ को सौंपी गई थी और इसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। हालांकि, प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि चार माह से अधिक का समय बीत जाने के बावजूद NGT के स्पष्ट आदेशों का पूरी तरह से पालन नहीं हो रहा है, जिससे ग्रामीण परेशान हैं। अखिल भारतीय ओबीसी बहुजन महासंघ के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष हेमंत यादव ने इस मुलाकात को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल की समस्याओं को गंभीरता से सुना और NGT के आदेशों की पालना सुनिश्चित कराने में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस प्रतिनिधिमंडल में संघर्ष समिति के सचिव कैलाश यादव, उपाध्यक्ष सतपाल यादव, शीला देवी योगी और रीता देवी योगी भी शामिल थे।


