नर्मदापुरम संभाग के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र मोहासा में अवैध मिट्टी उत्खनन का बड़ा मामला सामने आने के बाद भी कार्रवाई ठंडी पड़ गई है। फेस-वन में करीब 12,319 घनमीटर मिट्टी की चोरी का मामला उजागर हुए ढाई महीने हो चुके हैं, लेकिन अब तक 1.83 करोड़ रुपये के संभावित जुर्माने पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एमपीआईडीसी की ओर से भी इस मामले में चोरी का प्रकरण दर्ज नहीं कराया गया है, जिससे अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। प्लॉट से मिट्टी खोदकर दूसरे प्लॉट में खपाई जानकारी के मुताबिक मोहासा औद्योगिक क्षेत्र फेस-वन के प्लॉट नंबर P-18 से बड़ी मात्रा में मिट्टी खोदी गई और उसे पास के प्लॉट नंबर 23 (रेस ग्रीन एनर्जी) की जमीन पर खपा दिया गया। यह काम लंबे समय तक चलता रहा, लेकिन एमपीआईडीसी, खनिज, राजस्व और पंचायत से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। दरअसल यह प्लॉट पहले मेसर्स प्रीमियम इंजीनियर्स ग्लोबल एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को आवंटित था। कंपनी ने जमीन की कमी बताते हुए 5 दिसंबर 2025 को प्लॉट वापस कर दिया। इसके बाद यहां से अवैध रूप से मिट्टी खोदने का सिलसिला शुरू हो गया। 18 दिसंबर 2025 को मामला सामने आने के बाद जांच टीम मौके पर पहुंची थी। नोटिस जारी, लेकिन नहीं हुआ तामिल खनिज विभाग ने इस मामले में सिविल वर्क करने वाली गोपाल बिल्डर्स के खिलाफ प्रकरण बनाकर एडीएम कोर्ट भेजा था। कोर्ट ने 13 जनवरी 2026 और 2 फरवरी 2026 को दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन हरियाणा के सोनीपत स्थित पते पर भेजी गई डाक गलत पते के कारण वापस लौट आई। पता स्पष्ट नहीं होने से अब तक नोटिस तामिल नहीं हो पाया है, जिससे कार्रवाई अधर में लटकी हुई है। अब खनिज विभाग एमपीआईडीसी से कंपनी और ठेकेदार का सही पता मांग रहा है। उद्योग क्षेत्र में बिना अनुमति उत्खनन मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में कई फैक्ट्रियों का निर्माण चल रहा है। यहां रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट, राइस मिल और मक्का फैक्ट्रियां बन रही हैं। निर्माण कार्य में बड़ी मात्रा में मिट्टी, गिट्टी और रेत का उपयोग हो रहा है, लेकिन आरोप है कि कई जगह बिना रॉयल्टी और बिना अनुमति मिट्टी की खुदाई और उपयोग किया जा रहा है। इससे शासन को राजस्व का नुकसान हो रहा है। फेस-टू में भी अवैध उत्खनन का मामला मोहासा के फेस-टू में भी अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। 8 फरवरी को संयुक्त जांच में खसरा नंबर 501/1 से करीब 1800 घनमीटर भसुआ मिट्टी की खुदाई पाई गई। यहां से लगभग 350 से 400 ट्रॉली मिट्टी निकाले जाने का अनुमान है। हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर खुदाई के बावजूद जिम्मेदार विभागों को इसकी जानकारी नहीं थी। मामला सामने आने के करीब 25 दिन बाद भी खनिज विभाग ने प्रकरण दर्ज नहीं किया है। जिला खनिज अधिकारी देवेश मरकाम के अनुसार फेस-टू में अवैध उत्खनन के मामले में तीन लोगों पर संदेह है, जिनमें एक कोटवार और एक पंचायत प्रतिनिधि का नाम भी सामने आया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


