लुधियाना| शहर में विकास कार्यों को लेकर गुरुवार को फाइनेंस एंड कॉन्ट्रैक्ट्स कमेटी (एफएंडसीसी) की बैठक में अवैध कॉलोनियां सबसे बड़ा मुद्दा बनकर उभरीं। रोज गार्डन के पास मेयर कैंप ऑफिस में हुई बैठक में 105 नए प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इससे पहले बुधवार को 100 प्रस्तावों पर विचार हो चुका है। दो दिनों में कुल 205 प्रस्तावों पर मंथन हो चुका है, जबकि सोमवार को कुछ और प्रस्ताव एजेंडे में शामिल किए जाएंगे। बैठक में मेयर इंद्रजीत कौर, कमिश्नर डा नीरू कत्याल गुप्ता, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर और डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर समेत जोनल व जॉइंट कमिश्नर मौजूद रहे। {सीवर जाम और करोड़ों का खर्च: ओएंडएम ब्रांच की ओर से सुपर सक्शन मशीनों से जुड़े प्रस्ताव भी रखे गए। सदस्यों ने कहा, अवैध कॉलोनियों के अनियोजित सीवर कनेक्शन के कारण मुख्य लाइनों में जाम की समस्या बढ़ रही है और सफाई पर निगम को करोड़ों खर्च करने पड़ रहे हैं। अधिकारियों से सुपर सक्शन के मौजूदा स्टेटस की रिपोर्ट मांगी गई और निर्देश दिए गए कि समस्या पर रोक के लिए ठोस प्लान तैयार किया जाए। {ठेकेदार डिबार, पार्क कार्य में देरी: हल्का नार्थ के अधीन आते एक पार्क के विकास कार्य में करीब दो साल की देरी करने पर गर्ग नामक कॉन्ट्रेक्टर की फर्म को डिबार कर दिया गया। फर्म को वर्क ऑर्डर जारी होने के बावजूद काम शुरू नहीं किया गया था। कमेटी ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तहबाजारी ब्रांच ने अस्थायी अतिक्रमण हटाने के लिए दो नई गाड़ियों की मांग रखी, क्योंकि मौजूदा वाहन जर्जर हैं। एफएंडसीसी ने प्रत्येक जोन के लिए वाहन खरीद की अनुमति दी ताकि टीमें प्रभावी कार्रवाई कर सकें। {भर्ती प्रस्ताव पेंडिंग: सफाई कर्मचारियों और सीवर क्लीनरों की पुनः भर्ती से जुड़े प्रस्तावों को पेंडिंग रखा गया है। मेयर इसके लिए अलग कमेटी गठित करेंगे, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा। अवैध कॉलोनियों पर तीखे सवाल, सारा रिकॉर्ड तलब किया डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर ने ओएंडएम और बिल्डिंग ब्रांच की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि निगम सीमा से सटी अवैध कॉलोनियों को सीवर और पेयजल सप्लाई कैसे दी जा रही है, जबकि कई कॉलोनियों से पूरी पेमेंट तक नहीं ली गई है। उन्होंने कंगनवाल रोड का उदाहरण देते हुए बताया कि सड़क का एक हिस्सा निगम सीमा में है और दूसरा बाहर फिर भी बाहर की कॉलोनियों का सीवर-पानी निगम नेटवर्क से जुड़ा है। इस पर कमिश्नर ने दोनों शाखाओं से ऐसी सभी कॉलोनियों का रिकॉर्ड तलब कर लिया है, जिन्होंने पूरी फीस जमा नहीं करवाई या जिनकी वैधता संदिग्ध है। स्पष्ट किया गया कि रिकॉर्ड के आधार पर आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। सदस्यों का कहना था कि टैक्स देने वाली जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है, क्योंकि अवैध कॉलोनियों पर भी निगम फंड खर्च हो रहा है।


