भांकरोटा में शुक्रवार को तड़़के हुए हादसे की 3 बड़ी वजह हैं- मोटी कमाई, अवैध वसूली और हाई-वे पर प्रोजेक्ट धीमे चलने के कारण बड़ा ट्रैफिक जाम। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने रिंगरोड को जरूरी काम पूरा हुए बिना खोल दिया, क्योंकि टोल से मोटी वसूली करनी है। दूसरा, डीपीएस कट पर यू टर्न वाहनों से वसूली। तीसरा, हाई-वे पर प्रोजेक्ट का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। ऐसे में हर दिन यहां ट्रैफिक जाम लगता है। काम पूरे होते तो वाहन तेजी से निकलते और हादसे में कम से कम लोग हताहत होते। इन मौतों के लिए असली जिम्मेदार भ्रष्ट सिस्टम भी है। पहली वजह… छह साल में भी क्लोअर लीफ नहीं बनाया गया एनएचएआई 6 साल में भी क्लोअर लीफ नहीं बना पाया। इधर, पुलिस ने 4 साल पहले ही एनएचएआई को बिना क्लोअर लीफ के रिंग रोड को शुरू नहीं करने के लिए कहा था। एनएचएआई और ट्रैफिक पुलिस के अफसरों ने 12 नवंबर 2020 काे रिंग राेड का दाैरा किया था। 13 नवंबर को डीसीपी ट्रैफिक आदर्श सिद्धू ने चिट्ठी में लिखा था कि रिंग राेड कनेक्ट करने के लिए क्लाेअर लीफ नहीं हैं। ऐसे में यहां कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। रिंग राेड से संबंधित तीनाें नेशनल हाई-वे पर घुमाव और डायवर्जन पर ट्रैफिक लाइट भी नहीं लगाई गई है। दूसरी वजह – 3 फ्लाई ओवर शुरू नहीं कर पाए, अगर ये शुरू होते तो जाम नहीं लगता…हादसे में कम लोग ही हताहत होते एनएचएआई ने जयपुर से अजमेर के बीच में 10 फ्लाईओवर बना दिए हैं। हैरानी कि 3 फ्लाई ओवर शुरू ही नहीं हुए। इस कारण यहां आए दिन जाम लगता है। अगर ये फ्लाई ओवर शुरू होते तो यहां जाम नहीं लगता और कम से कम लोग हताहत होते। गौरतलब है कि एनएचएआई का दावा है कि भांकरोटा फ्लाइओवर मार्च 2026 तक शुरू हो जाएगा। लेकिन मौजूदा स्थिति के हिसाब से अभी इसे पूरा होने में एक साल और लगेगा। इधर, कमला नेहरू नगर फ्लाईओवर का काम भी 6 माह से देर से चल रहा है। इसके कारण यहां पर अजमेर से आने वाले वाहनाें काे ट्रैफिक डायवर्जन से निकाला जाता है। सड़क भी काफी दूर तक खराब है। इस वजह से आए दिन ट्रैफिक जाम रहता है। अधिकारियों का कहना है कि चल रहे प्रोजेक्ट को जल्द ही पूरा कराया जाएगा। तीसरी वजह – वसूली के लिए कट दोबारा खोल दिया गया
अजमेर रोड पर हादसे के बाद की गई पड़ताल में लापरवाही और बंधी का मामला सामने आया है। इस कट को कुछ समय पहले ही हाईवे के दोनों ओर काम करने के लिए बंद कर दिया गया था। इसे यहां से करीब 300 मीटर दूर बनाया था। लेकिन रिंग रोड दूर होने के लिए कारण इस कट को दोबारा खोल दिया गया। इसके पीछे भी वसूली की बात सामने आई है। यहां ट्रैफिक सिग्नल है। वाहनों के यूटर्न करने के दौरान बत्ती लाल हो जाती है। इसके बाद वाहन चालकों से वसूली की जाती है। हादसे की आशंका के बाद भी इस कट को बंद करने के लिए पुलिस प्रशासन ने कोई फैसला नहीं लिया।


