राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को कठूवास जाते समय नेशनल हाईवे पर 75 मीटर भूमि अधिग्रहण आदेश के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा गया। संघर्ष समिति के सदस्यों, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और व्यापारियों ने उनसे मुलाकात कर इस कार्रवाई में संशोधन की मांग की। इस दौरान, पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। गहलोत ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर याद दिलाया था कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने कोई भी योजना बंद न करने का वादा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान की जनकल्याणकारी योजनाएं, जो पूरे देश में लोकप्रिय हो चुकी हैं, उन्हें बंद किया जा रहा है। गहलोत ने चित्तौड़ में प्रधानमंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कोई भी योजना बंद नहीं की जाएगी। उन्होंने हैरानी जताई कि अजमेर में प्रधानमंत्री ने इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा, बल्कि कांग्रेस पर निशाना साधा। कांग्रेस का बचाव करते हुए गहलोत ने कहा कि कांग्रेस त्याग, बलिदान और देश के विकास की पार्टी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी विचारधारा सभी धर्मों, जातियों और भाषाओं को साथ लेकर चलने वाली है। गहलोत ने यह भी कहा कि चुनाव जीतना एक अलग बात है, लेकिन देश का मिजाज कांग्रेस से मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का अजमेर में दिया गया भाषण कांग्रेस को बदनाम करने के उद्देश्य से था।


