बुरहानपुर जिले की असीरगढ़ रेंज में सोमवार को वन विभाग ने वन अग्नि नियंत्रण प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें वनकर्मियों को जंगल की आग पर कम समय में नियंत्रण पाने और उसे फैलने से रोकने के उपाय बताए गए। डीएफओ विद्या भूषण सिंह के निर्देशन में यह कार्यशाला वन परिक्षेत्र असीर की आशा देवी बीट के कक्ष क्रमांक 155 स्थित चूलखान नर्सरी में हुई। नेपानगर के एसडीओ विक्रम सुलिया ने अग्नि रेखा की कटाई और उसे जलाने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वन खंडों, वन मार्गों, पीडब्ल्यूडी मार्गों और पौधारोपण क्षेत्रों की पुरानी अग्नि रेखाओं को निर्धारित मापदंडों के अनुसार काटकर 15 फरवरी से पहले जलाया जाना चाहिए। सुलिया ने सभी वनरक्षकों को अपनी-अपनी बीट क्षेत्र की समितियों की बैठकें आयोजित कर उन्हें भी वनों को आग से बचाने के लिए प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। उन्होंने आग लगने पर त्वरित कार्रवाई करने और आग बुझाने वाले उपकरणों का सही उपयोग करने पर जोर दिया। प्रशिक्षण के दौरान, बीट असीर के कक्ष क्रमांक 154 में ब्लोअर का उपयोग करके आग पर नियंत्रण पाने और काउंटर फायर विधि से वन अग्नि बुझाने की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया गया। धुलकोट के वन परिक्षेत्र अधिकारी मनोज वास्कले ने वनकर्मियों को वन अग्नि नियंत्रण के लिए जाते समय अपने साथ पीने का पानी ले जाने और खुद को निर्जलीकरण से बचाने की सलाह दी। इस प्रशिक्षण सह कार्यशाला में नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन सहित असीर, धुलकोट और नावरा रेंज के वन कर्मचारी, अधिकारी और सुरक्षा श्रमिक उपस्थित थे। रेंजर असीर धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने आभार व्यक्त किया।


