बढ़ती मरीजों की संख्या के साथ अस्पतालों में बेहतर प्रबंधन और गुणवत्ता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गई है। इसी विषय पर सी के बिरला हॉस्पिटल, जयपुर और सीएएचओ की ओर से राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में क्वालिटी कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने अस्पताल प्रबंधन, मरीज सुरक्षा और स्थायित्व पर अपने विचार साझा किए। इस एक दिवसीय सेमिनार में देशभर के स्वास्थ्य सेवा विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डिप्टी सीएम दीया कुमारी थीं। कार्यक्रम के पहले सत्र में कीर्ति डिसूजा ने अस्पतालों में स्थायित्व पर चर्चा करते हुए हरित स्वास्थ्य सेवाओं और संसाधनों के कुशल उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल नीतियों को अस्पतालों की प्रभावशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया। डॉ. लल्लू जोसेफ ने तकनीकी नवाचार और मल्टी-डिसिप्लिनरी टीमवर्क को मरीज सुरक्षा के लिए आवश्यक बताते हुए अपने सुझाव साझा किए। गुणवत्ता सुधार के लिए प्रभावी नेतृत्व जरूरी सी के बिरला हॉस्पिटल के सीईओ विपुल जैन ने अस्पताल प्रबंधन में प्रभावी नेतृत्व को गुणवत्ता सुधार का आधार बताया। वाइस प्रेसिडेंट अनुभव सुखवानी ने भी अस्पताल प्रबंधन में सामंजस्य की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ. पाराग रिंदानी ने स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार के नए अवसरों को पहचानने और उन्हें लागू करने की रणनीतियों पर चर्चा की। बरनाली बनिक ने मरीज देखभाल में उपकरणों की वैधता और सामग्री की संगतता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मरीज सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। अंतिम सत्र में पैनल डिस्कशन हुआ, जिसमें डॉ. पी आर सोढानी, डॉ. शीनू झंवर, डॉ. प्रतीम तम्बोली, मिस जोसफिन, डॉ. योगेश गुप्ता और डॉ. राहुल प्रसाद ने डेटा का उपयोग कर प्रदर्शन परिणामों को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर सी के बिरला हॉस्पिटल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुहासिनी जैन, मेडिकल सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. समीर सिंह, क्वालिटी हेड डॉ. कीर्ति तांबी, सीएएचओ की स्टेट चेयरपर्सन डॉ. निहार भाटिया और डॉ. दीपा महरा ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।


