छत्तीसगढ़ के धमतरी में मराठा समाज की महिलाओं ने अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई। जिजाऊ माता महिला मंडल द्वारा मराठा समाज के मंगल भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम महिलाओं ने अहिल्याबाई होल्कर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। अतिथियों ने अहिल्याबाई की जीवनी पर प्रकाश डाला। मराठा समाज की महिलाओं ने बताया कि अहिल्याबाई मालवा मराठा साम्राज्य की योद्धा रानी थीं। अहिल्याबाई निडर और साहसी शासक थीं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ता से शासन किया। मुगल काल में भी उन्होंने पूरे भारत में कई मंदिरों और धर्मशालाओं का निर्माण करवाया। सोमनाथ, महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ और द्वारकाधीश मंदिर उनकी प्रमुख धार्मिक परियोजनाएं थीं। अहिल्याबाई ने सामाजिक महत्वपूर्ण सुधार किए महिलाओं ने साझा किया कि वे अहिल्याबाई पर आधारित टीवी सीरियल को बड़ी रुचि से देखती थीं। अहिल्याबाई ने सामाजिक और धार्मिक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण सुधार किए। वे शिव की अनन्य भक्त थीं और उन्हें न्याय की देवी के रूप में जाना जाता था। उन्होंने जीर्ण-शीर्ण मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करवाया।


