भास्कर न्यूज | शंकरगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है। उनका कहना है कि वर्षों से बाल विकास और महिला सशक्तिकरण योजनाओं का सफल संचालन करने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और अधिकार नहीं मिल रहे हैं। कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग है कि उन्हें शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शिक्षा कर्मियों और पंचायत कर्मियों को नीति बनाकर नियमित किया गया, उसी प्रकार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- सहायिकाओं को भी नियमित कर शासकीय दर्जा दिया जाए। जब तक यह संभव न हो, तब तक न्यूनतम वेतन लागू किया जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश की तर्ज पर सभी सुविधाएं लागू करने व प्रतिवर्ष 1000 रुपए मानदेय वृद्धि का लिखित समझौता करने की मांग भी रखी। सामाजिक सुरक्षा के तहत वृद्धावस्था पेंशन, बीमा सुविधा, सेवा के दौरान मृत्यु पर एकमुश्त अनुग्रह राशि और सेवा निवृत्ति पर ग्रेच्युटी प्रदान करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगी। इस दौरान प्रत्यूष केसरी (विभाग प्रमुख, भारतीय मजदूर संघ), शोभा सिंह देव (प्रदेश अध्यक्ष), मीरा जायसवाल (जिला महामंत्री) व सविता दुबे (ब्लॉक अध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं।


