आंतकवादियों और उन्हें प्रश्रय देनेवालों का सफाया जरूरी : लक्ष्मी

अश्विनी/दुर्गा|गुमला पुलवामा हमले में शहीद जिले के बसिया प्रखंड के दृढ़ इच्छाशक्ति की स्वाभिमानी वीर शहीद जवान विजय सोरेंग की माता लक्ष्मी देवी ने भारत सरकार की कारवाई को भारत की महिलाओं का सम्मान कहा है। आतंकवादियों को प्रश्रय देने वाले पाकस्तिान को मुंहतोड़ जवाब देने के साथ उनका सफाया करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी आतंकवादियों द्वारा विगत 22 अप्रैल को पहलगाम में निहत्थे 26 पर्यटकों को धर्म पूछकर उनकी पत्नियों के सामने निर्मम हत्या की घटना को अंजाम दिया जाना, माफी के काबिल नहीं है। बसिया प्रखण्ड की फरसामा गांव की रहने वाली शहीद विजय सोरेंग की माता लक्ष्मी देवी ने बताया मेरा जन्म बानो प्रखड के लचरागढ़ में हुआ। गरीबी के कारण पढ़ाई नहीं कर पाई। 1968 में मेरी शादी बसिया प्रखंड फरसामा गांव में हुआ। बड़े लड़के विजय सोरेंग को इंटर तक पढ़ाया और वर्ष 1994 में उसकी फौज में नौकरी लग गयी। विजय के पिता बृष सोरेंग भी सेना में क्लर्क की नौकरी में थे। जब विजय सोरेंग की नौकरी लगी तो इस बात की खुशी हुई कि बाप और बेटा दोनों भारत माता की सेवा एक साथ करेंगे। उन्होंने कहा कि दूसरे पुत्र संजय सोरेंग को बीए, पुत्री सुधा एवं गीता को मैट्रिक तक पढ़ाई कराकर शादी कर दी। पिता की सेना में नौकरी रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई लिखाई खेती बाड़ी परिवार चलाने की बोझ मेरे कंधों पर था। लेकिन मैने हार नहीं मानी। निरक्षर होकर भी बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा आज मेरे परिवार में सिर्फ बड़ा पुत्र विजय सोरेंग नहीं है जिसका दुःख है। लेकिन देश की सेवा करते हुए उसने अपना बलिदान दिया है, जो मैं अपने को गर्व महसूस करती हूं। उन्होंने कहा कि आज भी वो पल याद है पुत्र विजय जब भी छुट्टी पर आता मेरे लिये साड़ी और मिठाइयां अवश्य लाता था। सरकार ने पाकिस्तान के आतंकवादियों को सफाया करने का विलंब से ही सही निर्णय लिया है एकदम यह सराहनीय कदम है। अॉपरेशन सिंदूर के द्वारा आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए, अॉपरेशन सिंदूर भारत की माताओं का गौरव सभी महिलाओं का सम्मान है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद ने देश के कई माताओं, बेटियों का सुहाग छीना है। पुलवामा की घटना पर पूरा देश शोक मनाया, सरकार ने कार्रवाई किया लेकिन बदला अधूरा था। ऑपरेशन सिंदूर के द्वारा आतंकवाद का पूर्णत: खात्मा करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि पुलवामा व पहलगाम की घटना का पूर्णत: बदला लिया जाय। तब ही भारत की माताओं और बेटियों को सच्चा सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारत की माताओं को अपने देश के सेना के जवानों पर गर्व है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *