भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (आईआईटी जोधपुर) और संत लोंगोवाल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसएलआईईटी), लोंगोवाल के बीच शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान संवर्धन एवं मेधावी विद्यार्थियों के लिए उन्नत शोध के अवसर सृजित करने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह MoU आईआईटी जोधपुर निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल एवं एसएलआईईटी लोंगोवाल,लोंगोवाल (पंजाब) निदेशक प्रो. मणि कांत पासवान के बीच में संपन्न हुआ। पीएचडी में मिलेगा प्रवेश इस समझौते के तहत एसएलआईईटी लोंगोवाल के मेधावी बी.टेक. विद्यार्थियों को आईआईटी जोधपुर के पीएचडी कार्यक्रमों में प्रत्यक्ष प्रवेश का अवसर प्रदान किया जाएगा। सातवें सेमेस्टर के बाद 8 या उससे अधिक सीजीपीए एवं अपनी कक्षा में शीर्ष 10 रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को, साक्षात्कार के आधार पर GATE अथवा लिखित परीक्षा के बिना पीएचडी में प्रवेश दिया जा सकेगा। MoU के तहत अर्जी पीएचडी प्रवेश का भी प्रावधान किया गया है, जिसके अंतर्गत योग्य विद्यार्थी पांचवें सेमेस्टर के बाद पीएचडी हेतु आवेदन कर सकेंगे तथा आईआईटी जोधपुर परिसर में शोध, प्रोजेक्ट एवं इंटर्नशिप के अवसर प्राप्त करेंगे। इन विद्यार्थियों को आईआईटी जोधपुर परिसर में छात्रावास सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, एसएलआईईटी के विद्यार्थी आईआईटी जोधपुर के SURAJ (Summer Undergraduate Research at Jodhpur) कार्यक्रम के अंतर्गत भुगतानयुक्त ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप के लिए भी पात्र होंगे। यह समझौता दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों के बीच संयुक्त शोध प्रस्ताव, अकादमिक आदान-प्रदान एवं सहयोग को प्रोत्साहित करेगा, जिससे अनुसंधान एवं नवाचार को नई दिशा मिलेगी। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को मिलेगा अवसर इस अवसर पर प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल ने कहा कि यह MoU शोध-आधारित शिक्षा को सुदृढ़ करने एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। वहीं प्रो. मणि कांत पासवान ने इसे एसएलआईईटी विद्यार्थियों के लिए उच्च स्तरीय शोध एवं अकादमिक प्रगति का महत्वपूर्ण अवसर बताया। यह MoU हस्ताक्षर की तिथि से प्रभावी होगा और आपसी सहमति से समाप्त होने तक मान्य रहेगा। यह समझौता आईआईटी जोधपुर और एसएलआईईटी लोंगोवाल के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक एवं शोध साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


